पेसा कानून लागू करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरेगा आदिवासी सुरक्षा परिषद, संवाददाता सम्मेलन में परिषद के अध्यक्ष रमेश हांसदा ने की घोषणा
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : आदिवासी सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष सह भाजपा के वरिष्ट नेता रमेश हांसदा ने कहा है कि पेसा कानून आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए लागू किया जाना आवश्यक है। राज्य सरकार पेसा कानून को लागू करने में ढुलमुल रवैया अपना रही है। सरकार की मंशा वोट की राजनीति है । लेकिन आदिवासी सुरक्षा परिषद ऐसा होने नहीं देगा । अगर पेसा कानून अभिलंब लागू नहीं किया गया तो सड़क से लेकर विधानसभा तक आदिवासी समाज एक जूट होकर उग्र आंदोलन करेगा। आदिवासी सुरक्षा परिषद इसके लिए जमीनी स्तर पर तैयारी कर रहा है। आदिवासियों को एकजुट करने की मुहिम चलायी जा रही है। यह बात स्थानीय परिषद में आयोजित एक संवाददाता है सम्मेलन में रमेश हसदा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अनुसूचित क्षेत्र में पेसा कानून 1996 बनाया । इस कानून को एक साल के अंदर राज्य सरकारों द्वारा नियमावली बनाकर ग्राम सभा में स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में करना चाहिए था। लेकिन ऐसा विगत 28 सालों में भी नहीं हो पाया। कई लोगों द्वारा न्यायालय में रीट दायर करने की वजह से बार-बार यह मामला अटक रहा था ।अब क्योंकि सभी मामलों का निष्पादन माननीय उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा कर दिया गया है एवं झारखंड सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि 2 महीने के अंदर पेसा कानून 1996 की नियमावली बनाकर राज्य में लागू लागू कर दिया जाए ।परंतु राज सरकार के वर्तमान रवैया को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि राज्य सरकार पेसा नियमावली को जानबूझकर के राजनीतिक वजह से नहीं करना चाहती है ।जिस कारण अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय खासा आक्रोशित हैं ।ऐसा ना हो कि राज्य सरकार के विलंब के कारण आक्रोशित आदिवासी समुदाय सड़क पर न उतर जाए। संविधान में दिए गए अधिकारों को आदिवासियों से वंचित करना यह घोर अपराध है।
कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी द्वारा पेसा का विरोध करना राज्य प्रायोजित है।
आदिवासी सुरक्षा परिषद इस लड़ाई को जनता के बीच ले जाएगी। इसके लिए पोटका में 4 फरवरी को राजनगर में ग्रामीणों के बैठक , 12 फरवरी को सालगजुडी में बैठक रखा गया है।
आंदोलन की रूपरेखा तैयार, आदिवासी सुरक्षा परिषद कमेटी के विस्तार घोषणा
इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए आज आदिवासी सुरक्षा परिषद का विस्तार किया गया । जिसमें जमशेदपुर महानगर कमिटी का गठन किया गया। बाकी कमिटी इस प्रकार है।महा नगर अध्यक्ष राम सिंह मुंडा, उपेन्द्र नाथ सरदार पोटका को महा सचिव का दायित्व दिया है, साथ ही उपाध्यक्ष– होपना महाली (पोटका )प्रकाश सांडील, (जमशेदपुर) शरत सिंह सरदार (पटमदा) सचिव– गणेश मुंडा ,गुरबा हांसदा (साकची )कोषाध्यक्ष में श्री गणेश सरदार ( तिरीग ) सह कोषाध्यक्ष ममता भूमिज, प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी– सुरा बिरुली, कार्यकारणी सदस्य में
रुद्र मुंडा, जुझार समद, धन सिंह मुंडा, प्रकाश
कोया संतोष मुंडा, शशिभूषण हांसदा, झानो तिग्गा, रीना धान, संगीता टुडू, रानी मुर्मू, गुलशन टुडू, जनता सरदार, करण मुर्मू, रॉबिन मुर्मू, सुशेन सरदार, मनोज मुंडा, (मानगो) विजय सोय, निर्मल हेंब्रम, पोरेश मुंडा, विष्णु सरदार, लक्ष्मण पिंगुआ कृष्णापदो सिंह, राखोहरी सिंह, गंगाधर सिंह, गुरुचरण हेंब्रम, शिवचरण सिंह शोभा रानी कच्छप ।
विशेष आमंत्रित सदस्य
श्री प्रभु राम मुंडा ( मुखिया पूर्वी काली माटी) रणजीत सिंह (मुखिया गोविन्द पुर) मनोज सरदार (पोटका) खेला राम बेसरा ( पोटका) कार्तिक लकड़ा (एग्रिको) काजू सांडील (जमशेदपुर) बीना नंद सिरका (घाघीडीह) बुधराम टोप्पो ( बागबेड़ा) बी एन पातर, (बिरसा नगर) चुन्नू भूमिज (सोनारी) विजय गौड
को बनाया गया है, आदिवासी सुरक्षा परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष श्री रमेश शारदा एवं श्री राम सिंह मुंडा ने सभी पदाधिकारियों ,सदस्यों, को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए आशा जताया हैं कि आप सभी के सहयोग से यह आदिवासी संगठन, आदिवासियों के हित और अधिकार के लिए हमेशा प्रयासरत रहेगी,

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