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विधानसभा समिति ने विभागीय कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई चिंता, विभागीय अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश, समिति अपनी रिपोर्ट विधानसभा में रखेगी

श्री दर्पण न्यूज, जमशेदपुर : झारखंड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति ने पूर्वी सिंहभूम जिले में विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर चिंता जताई है। उपक्रम समिति के अध्यक्ष और मझगांव से विधायक निरल पूर्ति, समिति के सदस्य पोटका विधायक संजीव सरदार, मनोहरपुर से विधायक जगत मांझी ने विभागीय पदाधिकारी के साथ मीटिंग के बाद कड़ा रुख अख्तियार किया और कुछ घंटों की मोहलत देकर जवाब तलब किया है। इस संबंध में पत्रकारों को जानकारी देते हुए विधानसभा उपक्रम समिति के अध्यक्ष निरल पूर्ति ने बताया कि पर्यटन, उत्पाद, बिजली परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारियों ने या तो कोई काम नहीं किया और अगर काम शुरू भी किया गया तो उसकी प्रगति अपेक्षित रूप से काफी धीमी है। जिसकी वजह से सरकार को अपेक्षित राजस्व नहीं मिला। उन्होंने विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है। निरल पूर्ति ने कहा कि राज्य के 6-7 जिलों का समिति ने दौरा किया है, और वहां के विकास कार्यों की समीक्षा की कोमोबेस सभी जिलों की स्थिति एक जैसी पाई गई है। समिति ने किसी भी जिले में विकास कार्यों को संतोषजनक नहीं पाया।

लापरवाही को गंभीरता से लिया

समिति के अध्यक्ष निरल पूर्ति ने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, डीडीसी नागेंद्र पासवान सहित पर्यटन, बिजली और अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में यह तथ्य सामने आया कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के दौरान लगी आचार संहिता के बाद से कार्यों का निस्तारण हो नहीं पाया। इसकी वजह क्या है इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों की जवाब देही तय की गई।

लापरवाही को औपचारिक नहीं गंभीरता से लिया जाएगा : संजीव सरदार

समिति के सदस्य संजीव सरदार ने कहा कि विभागीय लापरवाही को औपचारिक रूप में नहीं बल्कि गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि खासकर पर्यटन, उत्पाद, जिला परिवहन और बिजली विभाग के कार्यों की गति काफी धीमी है। बिजली विभाग के जीएम अजीत कुमार से संपर्क करने पर पता चला कि वे विभागीय कार्यों से रांची में है। कार्यों के संबंध में जानकारी लेने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। यही स्थिति कोमोबेस पर्यटन विभाग के पदाधिकारियों की भी रही। इसी तरह से जिला परिवहन कार्यालय में भी कार्य संतोषजनक नहीं पाए गए। सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए और कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सौंपने को कहा गया। गांवों और टोलों में विद्युतिकरण का काम बिल्कुल नहीं हो पाया है। जिसे गंभीरता से लिया गया है। बैठक गुरुवार को भी हुई जहां समिति के अध्यक्ष और सदस्यों के अलावे विभागों से संबंधित पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बातचीत कर उनका पक्ष जाना गया और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

विधानसभा में होगी रिपोर्ट की समीक्षा

समिति के अध्यक्ष निरल पूर्ति ने बताया कि समिति अपनी रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखेगी। रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

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