भाजपा नेता राजकुमार श्रीवास्तव ने ताल ठोकी, पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव होगी मानगो की भावी मेयर
श्री दर्पण न्यूज, जमशेदपुर : भाजपा नेता राजकुमार श्रीवास्तव किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। दो बार जमशेदपुर महानगर भाजपा के अध्यक्ष रहे। 44 वर्षों से लगातार पार्टी की सेवा करते आ रहे हैं। फर्श से अर्श तक सत्ता के शीर्ष के करीब रहे । अपना बड़ा कारोबार है । पैसे की कोई कमी नहीं है। अपनी कमाई से लोगों की मदद करते हैं और चुनौतियों का मुकाबला करने में माहिर। पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव मानगो नगर निगम के मेयर पद का चुनाव लड़ रही हैं। वे पोस्ट ग्रेजुएट महिला हैं। सामाजिक सरोकार में अग्रणी; धार्मिक ख्याल की महिला। दरवाजे से कोई याचक गलती से भी नहीं लौटता। धर्म के प्रति गहरा लगाव। और यही संस्कार, परंपरा और संस्कृति उन्हें जनसेवा के लिए प्रेरित करती है। मानगो मेयर पद का चुनाव जीतने के बाद लोगों की सेवा उनका मुख्य उद्देश्य होगा।
चुनौतियों को स्वीकार करना मेरा फर्ज और धर्म दोनों : राजकुमार श्रीवास्तव
राजकुमार श्रीवास्तव बताते हैं, “मैंने कभी मेयर पद के लिए अपनी पत्नी को लड़ाने की बात नहीं सोची। लेकिन मन में कभी कभार यह बात तब आती जब कोई प्रत्याशी पार्टी समर्थन से चुनाव लड़ने वाला नहीं मिला।” अपनी पार्टी के नेताओं के संपर्क में रहे। बार-बार यह जानने की भी कोशिश की कि अगर कोई महिला पार्टी के समर्थन से लड़ना चाहे तो लड़ सकती है। क्योंकि उन्हें मेयर पद के लिए पत्नी को लड़ाने की इच्छा नहीं है। अंततः फैसला कर लेने के बाद कि वह अपनी पत्नी को मानगो नगर निगम मेयर पद का चुनाव लड़ायेगें, पार्टी के समर्थन से पार्टी नेता नीरज सिंह की पत्नी चुनावी मैदान में आ गई। लेकिन बात बहुत बढ़ चुकी थी । वहां से लौटना मुश्किल था। क्योंकि यह कायरतापूर्ण कदम होता। राजकुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि जब उन्होंने पत्नी को मेयर पद का चुनाव लड़ने को पूरी तरह से तैयारी कर लिया, उसके बाद पार्टी ने नीरज सिंह की पत्नी को समर्थन देने का फैसला लिया। वे कहते हैं, “रेस में घोड़ा नहीं बदलता है। जब मैदान में उतर गया हूं तो चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी हो उसे स्वीकारना मेरा धर्म और फर्ज दोनों है।”
कुमकुम श्रीवास्तव चुनाव जरूर लड़ेंगी
इसलिए वे मैदान में डट गए हैं और तय किया कि उनकी पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव मेयर पद का चुनाव लड़ेंगी। राजकुमार श्रीवास्तव का कहना है कि लोगों के बीच उनकी पैठ है । अपनी पहचान है। समाज सेवा के साथ-साथ पार्टी के वफादार और निष्ठावान भी बन रहे हैं । अब निर्णय जनता के पाले में है। फैसला वही करेगी। लेकिन उन्हें मानगो की जनता पर पूरा भरोसा है। जनता उनके साथ है।
मानगो के लोगों के सुख दुख के साथी रहे हैं
राजकुमार श्रीवास्तव का कहना है कि वे मानगो में रहते हैं । मानगो के लोगों के बीच उनका उठना बैठना है। मानगो की समस्याओं से वे अच्छी तरह रूबरू हुए हैं। अगर मच्छर काटता है तो समझ जाता हूं कि पूरे मानगो के लोगों को मच्छर काट रहा है । नाली की समस्या है तो पूरे मानगो के लोगों के लोगों के समक्ष नाली की समस्या है। साफ सफाई की समस्या है तो मेरे साथ-साथ पूरे मानगो के लोगों के लोगों के साथ यह समस्या है। इसलिए वे मानगो के लोगों के हित-अहित, सुख-दुख, अच्छा बुरा, हानि लाभ के साथी हैं । इसलिए पूरी उम्मीद है की मानगो के लोग उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने बातों बातों में इशारा किया की पार्टी का कोई भी शीर्ष नेता या कार्यकर्ता उनके खिलाफ नहीं है। निश्चित रूप से उन्हें समर्थन मिलेगा ।
वैसे अब सब कुछ भविष्य के गर्त में है । गेंद जनता के पाले में गेंद है। उन्हें पूरा भरोसा है कि मेयर पद पर उनकी पत्नी को ही जनता चुनेगी । क्योंकि अन्य प्रत्याशी या तो मानगो के नहीं रहते हैं या मानगो में नाम मात्र का घर रखें हैं। शहर के अन्य जगहों से आकर चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए उन्हें पूरा भरोसा है कि मानगो की जनता उनकी जीत सुनिश्चित करेगी।
