ग्रामीण क्षेत्रों में ‘संजीवनी’ बना हाता का दया मेडिकल हॉल: 30 वर्षों से सेवा का अटूट संकल्प
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: पोटका के ग्रामीण क्षेत्र हाता चौक स्थित ‘दया मेडिकल हॉल’ आज ग्रामीणों के लिए केवल एक दवा की दुकान नहीं, बल्कि भरोसे का दूसरा नाम बन चुका है। पिछले 30 वर्षों से यह संस्थान क्षेत्र में संजीवनी की भूमिका निभा रहा है। उस दौर में, जब इस पूरे इलाके में चिकित्सा सुविधाओं और दवा दुकानों का अभाव था, तब दया मेडिकल हॉल ने ग्रामीणों की सेवा का बीड़ा उठाया था।
संस्थान के प्रोपराइटर शैलेंद्र कुमार गर्व के साथ बताते हैं कि उनका उद्देश्य कभी भी केवल धन कमाना नहीं रहा। वे कहते हैं, “कई बार ऐसे अवसर आए जब किसी मरीज को दवा की सख्त जरूरत थी लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसी स्थिति में हमने नि:शुल्क दवाएं देकर लोगों की जान बचाई है।” यही सेवा भाव आज इस संस्थान की पहचान है।
मित्रता और सेवा का संगम: शैलेश और संजीव का अटूट रिश्ता
हाल ही में प्रसिद्ध अंतर्राज्यीय गायक संजीव बनर्जी (उर्फ टुबई) ने शैलेंद्र कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपनी पुरानी मित्रता को याद करते हुए बताया कि शैलेश जी उनके वर्षों पुराने मित्र हैं। संजीव बनर्जी ने शैलेश कुमार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा, “मैं उनके सेवा कार्यों का प्रत्यक्ष गवाह हूँ। मैंने स्वयं देखा है कि कैसे वे असहाय और गरीब मरीजों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग इस दुकान को ‘संजीवनी’ की तरह पूजते हैं।”
साकची (गुरुद्वारा बस्ती) के निवासी संजीव बनर्जी का काम के सिलसिले में अक्सर हाता आना होता था, जहाँ उनकी मित्रता शैलेश जी से हुई। आज यह मित्रता सुख-दुख के साझा अनुभवों और समान विचारों के कारण और भी प्रगाढ़ हो गई है।
तारा सेवा सदन: थैलेसीमिया मरीजों के लिए कोल्हान की एकमात्र उम्मीद
शैलेंद्र कुमार मेडिकल हॉल के साथ-साथ ‘तारा सेवा सदन’ नामक क्लीनिक के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसकी सचिव उनकी बहन पूनम लाल हैं। पूनम लाल के कुशल प्रबंधन में यह संस्थान बेहद कम खर्च पर ग्रामीणों को इलाज और स्वास्थ्य जाँच की सुविधा दे रहा है।
तारा सेवा सदन की मुख्य विशेषताएं:
ब्लड सेपरेशन यूनिट: यह कोल्हान क्षेत्र का संभवतः इकलौता ऐसा नर्सिंग होम है, जहाँ थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को अत्यंत कम खर्च पर ब्लड चढ़ाया जाता है। यहाँ आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए इलाज का खर्च न के बराबर है। शैलेंद्र कुमार के अनुसार, यहाँ हर महीने 70 से 80 थैलेसीमिया मरीज आते हैं। जहाँ अन्य जगहों पर ब्लड रिप्लेसमेंट में भारी खर्च आता है, वहीं यहाँ मामूली शुल्क पर ब्लड सेपरेशन की सुविधा दी जाती है।
डॉ. आकाश वर्धन का योगदान

तारा सेवा सदन में डॉ. आकाश वर्धन (जनरल फिजिशियन) अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आज के महंगाई के दौर में भी डॉ. वर्धन बहुत ही कम फीस पर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह से वे इस सेवा मिशन से जुड़कर ग्रामीण जनता की सहायता कर रहे हैं।
