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झामुमो नेता विकास के नाम पर वोट नहीं मांग पा रहे: दिनेशानंद गोस्वामी

सरकार नियोजन एवं स्थानीय नीति बनाने में रही विफल, युवाओं का भविष्य अधर में लटका

श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि झामुमो नेता अब विकास के नाम पर वोट मांगने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि पिछले छह वर्षों में सरकार ने न तो नियोजन नीति बनाई और न ही स्थानीय नीति, जिससे नियुक्तियां बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नियुक्तियां संबंधित जिलों के लिए आरक्षित थीं, जिससे स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलती थी। लेकिन हेमंत सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया, जिसके कारण अब बाहर के उम्मीदवार किसी भी जिले में नौकरी पा सकते हैं, जबकि स्थानीय युवाओं को दरकिनार किया जा रहा है।

राज्य के निजी कंपनियों में आरक्षण का वायदा नहीं पूरा किया गया

डॉ गोस्वामी ने कहा कि सरकार ने निजी कंपनी में ७५% प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके विपरीत, शराब बंदोबस्ती, बालू घाट की नीलामी और अन्य ठेकों में बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब तक पेसा कानून को पूरी तरह लागू नहीं कर पाई है, जिससे बालू घाट, बंदोबस्ती और वनपट्टा का आवंटन ग्राम सभा के अधीन लाने की प्रक्रिया अधर में है।

बेरोजगारी भत्ता भी नहीं मिला

डॉ गोस्वामी ने कहा कि सरकार ने ५ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने तथा नौकरी ना पाने वाले बेरोजगारों को ₹५००० से ₹७००० भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन दोनों वादे खोखले साबित हुए। डॉ गोस्वामी ने कहा कि स्वास्थ और शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और बंद पड़ी ताम्र खदानों को शुरू करने के लिए झामुमो सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया गया।

सड़कों का निर्माण नहीं किया गया

उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों की सड़कों की स्थिति जर्जर है और जो भी विकास दिखाई देता है, वह केंद्रीय योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा, अगर विकास दिखता है तो वह केंद्र सरकार की योजनाओं में दिखता है चाहे फ्री अनाज हो, पीएम आवास, आयुष्मान भारत या किसानों को सालाना ₹६,००० की सहायता। राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है। बालू घाटों की बंदोबस्ती न होने से बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम जनता को भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, और जनता अब बदलाव चाहती है।और घाटशिला की जागृत मतदाता भाजपा प्रत्याशी को रिकॉर्ड मतो से जितायेंगे।

हेमंत सरकार में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकार पर हमला: गीता कोड़ा

सांसद एवं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती गीता कोड़ा ने आज प्रेस वार्ता में कहा कि हेमंत सरकार में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। राज्य में बीते छह वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भयावह वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि साहेबगंज की दरोगा रूपा तिर्की हत्याकांड, रबिका पहाड़िया की 52 टुकड़ों में निर्मम हत्या और एसआई संध्या टोपनो की हत्या जैसी घटनाओं ने सरकार की नाकामी और संवेदनहीनता को उजागर किया है।

गीता कोड़ा ने आरोप लगाया कि आदिवासी बेटियों के साथ दुष्कर्म करने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों पर मौन है। उन्होंने कहा कि संथाल परगना से कोल्हान तक झारखंड की रोटी, माटी और बेटी खतरे में हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार की ‘’मइया सम्मान योजना” अब “मइया अपमान योजना” बन गई है। चुनाव से पहले महिलाओं को झूठे वादों से भ्रमित किया गया, अब उनके खातों से पैसा काटा जा रहा है।

भाजपा ही महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान दे सकती है

गीता कोड़ा ने कहा कि भाजपा ही महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण की सच्ची लड़ाई लड़ रही है, और आने वाले चुनाव में महिलाएं इस भ्रष्ट और निकम्मी सरकार को करारा जवाब देंगी।

श्रीमती कोड़ा ने चाईबासा की घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हेमंत सरकार का आदिवासी और महिला विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। निहत्थे आदिवासी युवक और गर्भवती महिला को जेल भेजना सरकार की अमानवीय चेहरा को दर्शाती है।

प्रेस वार्ता में अशोक बड़ाईक, चंडी चरण साव, लखन मार्डी उपस्थित थे।

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