गोपाल मैदान में जोहार ट्रस्ट आयोजित कर रहा 11 और 12 अप्रैल को मागे महोत्सव, तैयारियां पूरी, प्रतियोगिता में स्थान बनाने वाले छात्र और छात्राओं को किया जाएगा पुरस्कृत, देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचेंगे आदिवासी प्रतिनिधि
श्री दर्पण न्यूज़ जमशेदपुर : जोहार ट्रस्ट के तत्वाधान में राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन 11-12 अप्रैल 2026 को गोपाल मैदान, बिष्टुपुर में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
देशभर के आदिवासी प्रस्तुति देंगे अपनी कला का
इस सांस्कृतिक महोत्सव में देश भर से विभिन्न आदिवासी समुदार्यो के कलाकार भाग लेंगे और पारंपरिक गीत, संगीत, नृत्य एवं खेलकूद के साथ-साथ रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य एवं योगदान देने वाले व्यक्तियों को जोहार संस्था की ओर से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय मागे महोत्सव में सौ स्टॉल लगेंगे जिसमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन, परिधान, पुस्तक, आर्ट एवं क्राफ्ट, फर्नीचर, डेकोरेशन आइटम, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कार एवं बाइक, मोटरसाइकिल के स्टॉल भी शामिल होंगे।
परंपरागत आदिवासी परिधान में होंगे समुदाय के लोग
साथ ही आदिवासी परिधान, देसी जड़ीबूटी और आदिवासी व्यंजनों का भी स्टॉल लगेंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा दिनांक 11 अप्रैल 2026, स्थान – तुरामडीह क्लब, कार्यक्रम – जोहार संवाद – जिसमे समाज मे उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिनिधियों का सम्मान एवं समाज कि संस्कृति एवं परम्परा पर चर्चा होंगी | दिनांक 12 अप्रैल 2026: राष्ट्रीय मागे महोत्सव मागे सूसून प्रतियोगिता का आयोजन होगा इसमें 11 राज्यों से हो समाज के विभिन्न नृत्य दल एवं लोग शामिल होंगे। राष्ट्रीय मागे महोत्सव प्रतियोगिता में कुल पुरस्कार राशि दो लाख ग्यारह हज़ार रुपए के साथ प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा।
चयनित छात्र होंगे पुरस्कृत
05 अप्रैल 2026 को हुए जोहार आर्ट कम्पटीशन में चयनित बच्चों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देश के प्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवियों का आगमन होगा जो इस प्रकार हैं। चंपई सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री, सह विधायक(सरायकेला) , अर्जुन मुण्डा, पूर्व मुख्यमंत्री, (झारखण्ड सरकार) मधु कोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री, (झारखण्ड सरकार) मीरा मुण्डा, पूर्व प्रत्याशी (पोटका विधानसभा), गीता कोड़ा, पूर्व सांसद (पश्चिमी सिंहभूम), दशरथ गागराई, विधायक, (खरसावाँ) , सांसद विद्युत वरण महतो साथ ही UCIL कंपनी तुरामडीह प्रबंधन और टाटा स्टील कंपनी के पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति देंगे।
कला प्रदर्शनी का होगा आयोजन
इस दिन विभिन्न प्रकार की कला प्रदर्शनियों का आयोजन होगा। साथ ही, मानकी मुंडा, दिऊरी, माझी बाबा, समाज के पदाधिकारी गण एवं बुद्धिजीवियों का सम्मान समारोह भी किया जाएगा। विभिन्न राज्यों से 11 जनजातियों द्वारा पारंपरिक नृत्य, संगीत, एवं लोकगीत की प्रस्तुति दी जाएगी और ग्रैंड फिनाले (बिगेस्ट डांस चैलेंज) के लिए देश भर से चयनित टॉप 15 डांसर्स के द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी जिसकी पुरस्कार राशि एक लाख रुपए है। इन सभी डांसर्स के जजमेंट के लिए देश के चर्चित टीवी डांस रियलिटी शो डांस प्लस सीजन सिक्स की विजेता स्नेहा चक्रवर्ती जज रहेंगी। बॉलीवुड सिने जगत के कलाकारों एवं झारखंड उड़ीसा एवं बंगाल के जनजातीय फ़िल्मी गीत एवं संगीत में काम करने वाले कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति होगी।
आदिवासी कला एवं संस्कृति की पहचान को कायम रखना, कार्यक्रम का उद्देश्य
राष्ट्रीय मागे महोत्सव आयोजन का उद्देश्य है कि आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक विरासत एवं पहचान को संरक्षित कर आदिवासी संस्कृति, परंपरा, दर्शन, नृत्य, कला, भाषा, लिपी, साहित्य, गीत एवं संगीत के प्रति सांस्कृतिक गौरव एवं गरिमा की भावना को जागृत करना। इस राष्ट्रीय मागे महोत्सव में विभिन्न आदिवासी समुदायों में सामाजिक एकता एवं मैत्री को बढ़ावा देना है। प्रेस वार्ता में उपस्थित सदस्यों के नाम:- श्रीमती डिग्गी, चम्पा दिग्गी, सरिता चकिया, लिसा गुईया, सरस्वती गुईया, अमिशा गगराई, सोमवारी दिग्गी, सुमी हेंब्रम, मेरी टोपनो, निरसो केराई, रोशनी कुमारी उपस्थिति रही।
