मानगो के विकास के लिए धर्मनिरपेक्ष प्रत्याशी को वोट करें जनता : मौलाना कुतुबुद्दीन रिज़वी रहमान
धर्म के नाम पर बांटने वालों से होशियार रहे मानगो वासी: अजीत यादव
मानगो का विकास हो मुद्दा: प्रोफेसर आफताब आलम
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुरः आज सामाजिक संगठन भारतीय एकता मंच (निबंधित) की एक महत्वपूर्ण बैठक के उपरांत यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। बैठक में मानगो नगर निगम चुनाव को लेकर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है देश एवं राज्य हित में लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए धर्मनिरपेक्ष प्रत्याशी को सफल बनाना है।
मानगो के विकास के लिए वोट करें जनता
झारखण्ड अदारा- ए-शरिया के नाज़िम आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिज़वी, अदारा- ए-शरिया जमशेदपुर के सचिव मौलाना अशरफुल्ला फैजी, भारतीय एकता मंच के रांची जिला अध्यक्ष नईमुल्ला खान, अलकबीर पॉलीटेक्निक के डॉ आफताब आलम, सेवानिवृत सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर नसीम अली, कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक सेल के सचिव तौकीर आलम, मोमिन कॉन्फ्रेंस के शोएब अंसारी रांची, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष अजीत यादव, समाज सेवी राजेश शर्मा सहित अन्य बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मानगो मेयर चुनाव में मानगो के विकास के लिए मानगो वासियों से मतदान करने की अपील की है। सभी बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकमत होकर यह निर्णय लिया है कि मानगो मेयर चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास करने वालों को हमें विफल बनाना है। मानगो मेयर चुनाव को लेकर समस्त मानगो वासियों से भारतीय एकता मंच द्वारा यह अपील की जाती है कि मानगो मेयर चुनाव में सूझबूझ के साथ मिलकर मतदान करें।
धर्मनिरपेक्ष उम्मीदवार की पहचान कर उसे वोट करें जनता
यह पूछे जाने पर की मानगो मेयर पद के लिए कौन से ऐसे प्रत्याशी हैं जिन्हें हम धर्मनिरपेक्ष प्रत्याशी मानकर पब्लिक से वोट करने किया अपील कर सकते हैं, इस सवाल के जवाब में झारखंड अदारा ए सरिया के प्रदेश प्रवक्ता मौलाना मुजीबुर रहमान ने कहा कि धर्म निरपेक्ष उम्मीदवार का नाम मानगो वासियों को पता है, जिसने अब तक मानगो का विकास किया, जिसमें अस्पताल एवं अन्य विकास कार्यों को किया है । वह खुद व खुद उम्मीदवार की पहचान कर अपना वोट करेगी। मैं किसी का नाम इसलिए नहीं लूंगा क्योंकि जितने प्रत्याशी खड़े हैं उन्हें मैं निश्चित रूप से नहीं पहचानता। इसलिए मैं उम्मीदवार के नाम पर कुछ नहीं कह सकता हूं। जनता उसे जानती है। समझती है। जो भी उसे धर्मनिरपेक्ष लगे वह उसे वोट कर सकती है।
