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टाटानगर रेलवे स्टेशन पार्किंग ठेकेदार को अब तक पार्किंग से लाखों का नुकसान, रेलवे के आल्हा अधिकारियों ने शिकायत पर लिया संज्ञान, रिवैल्युएशन को तैयार, राजीव राम की कंपनी को मिल सकती है बड़ी राहत

श्री दर्पण न्यूज़ जमशेदपुर : ऊंची बोली लगाकर जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन के मुख्य पार्किंग का ठेका लेने वाले ठेकेदार राजीव राम को कभी तक पार्किंग से

25 लाख रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। इस भारी घाटे ने राजीव राम की आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी है। रेलवे विभाग के आला अधिकारियों से पत्राचार करने के बाद कुछ राहत भरी बात सामने आई है। यानी संभव है की पार्किंग का पुन; मूल्यांकन कर निविदा निकाली जाए।

रेलवे के आल्हा अधिकारियों के संज्ञान पर राजीव राम ने खुशी का इजहार किया

आज पार्किंग स्थल पर एक पत्रकार वार्ता में राजीव राम ने रेलवे के अधिकारियों द्वारा उनके पक्ष में उठाए गए कदम की सराहना की और कहा कि उनके इस घाटे को और परिस्थिति को अधिकारियों ने समझा है और उसका रिवैल्युएशन करने का निर्णय लिया है।

उल्लेखनीय है कि इन वन कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर राजीव राम एक जाने माने ठेकेदार हैं। उन्होंने बताया की पहली बार किसी पार्किंग का ठेका उनकी कंपनी द्वारा लिया गया है। इसलिए वे पूरी बात को समझ नहीं पाए और ऊंची बोली लगाकर करोड़ों का पार्किंग ठेका ले लिया। लेकिन आज स्थिति ऐसी है कि उनको पिछले 9 माह में लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। इस आर्थिक तंगी ने उनकी कमर तोड़कर रख दी है। लेकिन पार्किंग ठेका के रिवैल्युएशन से उनको राहत जरूर मिलेगी।

ठेकेदार होने के साथ-साथ बड़े समाजसेवी भी है राजीव राम

वैसे तो राजीव राम एक ठेकेदार होने के साथ-साथ बड़े समाज सेवी भी हैं। पार्किंग में एक नई परंपरा की शुरुआत करने वाले राजीव राम ने प्रत्येक शनिवार को भोग वितरण का कार्य शुरू किया था। हालांकि भोग वितरण का कार्यक्रम कुछ दिनों तक बाधित रहा था, लेकिन आज उन्होंने पुनः भोग वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की और कहा कि अगर समय अनुकूल रहा तो आगे भी प्रत्येक शनिवार को भोग वितरण का कार्यक्रम जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों क़ो आर्थिक सहयोग भी किया और मौजूद लोगों के बीच मिठाइयां भी बंटवाई।

रेलवे के अधिकारियों के सहयोग से काम हो सकता है राजीव राम का घाटा

राजीव राम ने बताया कि अधिक शुल्क की वजह से पार्किंग में वाहनों की संख्या कम हो रही है जिससे आय प्रभावित हुई है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में पार्किंग शुल्क कम होने से यात्रियों और उनकी कंपनी—दोनों को राहत मिलेगी। फिलहाल सभी की नजरें री-टेंडर प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे पार्किंग शुल्क में संभावित राहत की उम्मीद की जा रही है।

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