गोलमुरी में खत्री गैंग का आतंक, बजरंग अखाड़ा पर कब्जे की कोशिश, वर्मा परिवार को ‘शहर छोड़ने या मरने’ की धमकी
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: गोलमुरी के कुख्यात खत्री गैंग ने एक बार फिर शहर की कानून व्यवस्था को चुनौती दी है। रंगदारी और हत्या जैसे संगीन जुर्मों के अभ्यस्त मनोज खत्री (गब्बर) और विनोद खत्री ने अब बजरंग अखाड़ा के संचालकों—वर्मा परिवार—का जीना दुश्वार कर दिया है। रामनवमी के दिन हुए खूनी संघर्ष के बाद अब यह पीड़ित परिवार दहशत के साए में जीने को मजबूर है।
खून-खराबा और बदसलूकी

रामनवमी जुलूस के दौरान, खत्री गैंग ने तलवारों और लाठियों से लैस होकर बजरंग अखाड़ा के लाइसेंसधारी आलोक वर्मा और उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में आलोक वर्मा, मनीष प्रसाद और अंकित प्रसाद लहूलुहान हो गए थे। हद तो तब हो गई जब बीच-बचाव करने आई महिला ज्योति प्रसाद के साथ छेड़खानी की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।
अखाड़े और मंदिर पर कब्जे की साजिश
स्वर्गीय कालीचरण कर की विधवा पुत्री हेमन वर्मा का आरोप है कि खत्री परिवार की नजर अखाड़े और मंदिर की जमीन पर है। वे डरा-धमकाकर अखाड़े का लाइसेंस अपने नाम करवाना चाहते हैं। इसी मंशा से पूरे वर्मा परिवार को मारपीट कर शहर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री से गुहार
आरोपियों के बेखौफ घूमने और केस वापस लेने के लिए मिल रही लगातार धमकियों से टूट चुकी हेमन वर्मा ने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
अपने पत्र में हेमंत वर्मा ने मांग किया है कि पूरे परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए, क्योंकि हिस्ट्रीशीटर खत्री बंधुओं से उनकी जान को गंभीर खतरा है। इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। व्यापारियों की हत्या और रंगदारी में शामिल इस गैंग के प्रभाव को खत्म किया जाए ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
