सुरक्षित बचपन अभियान : उच्च विद्यालय गितिलता, पोटका में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवमं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार(JHALSA) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA),जमशेदपुर के तत्वावधान में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शुक्रवार को उच्च विद्यालय गितिलता, पोटका में बाल अधिकार, बाल सुरक्षा, बाल विवाह, बाल तस्करी, की रोकथाम, पोक्सो एक्ट, गुड टच बैड टच, शिक्षा का अधिकार, स्पॉन्सरशिप एवं साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा संबंधी प्रावधानों तथा किसी भी प्रकार के शोषण एवं अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने के प्रति जागरूक करना था।
एल ए डी सी ने छात्र-छात्राओं को बेसिक कानून की जानकारी दी

कार्यक्रम में DLSA की ओर से लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) अभिनव श्रीवास्तव, स्कूल के प्राचार्य, सहायक शिक्षक एवं पीएलवी(अधिकार मित्र) चेतन नायक, रामकंडेय मिश्रा, राजेश महाली एवं दुलाल मंडल की सक्रिय सहभागिता रही।
इस मौके पर अपने संबोधन में LADC अभिनव श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के गठन, झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के कार्य क्षेत्र एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका की जानकारी दी। उसके बाद
पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के प्रावधानों,बाल अधिकारों, बाल विवाह, साइबर अपराध, शिक्षा के अधिकार तथा कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में शिक्षक, अभिभावक अथवा वयस्कों से सहायता लेने तथा उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया।
सोशल मीडिया से सुरक्षित और साइबर अपराध से बचाव के बताए गए उपाय
अधिकार मित्र रामकंडेय मिश्रा ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग,ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा इंटरनेट पर निजी जानकारी साझा करने से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरूक किया। चेतन नायक ने सुरक्षित बचपन,समस्याओं की टोल फ्री नंबर पर शिकायत करने, सूचना देने अथवा कानूनी सलाह लेने तथा बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रत्येक बच्चों का जीवन संरक्षित और सुरक्षित होना जरूरी
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों एवं विद्यालय समुदाय को यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण,शिक्षा,सम्मान एवं कानूनी संरक्षण प्राप्त होना चाहिए। सुरक्षित बचपन अभियान बच्चों को जागरूक बनाने तथा बाल संरक्षण के प्रति विद्यालय एवं समाज की जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
