ताजा खबरें

लक्ष्मीकांत मुंडा के शोकाकुल परिजनों से रिम्स में मिले पूर्व मुख्यमंत्री, निष्पक्ष जांच और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की

श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने नामकुम में राजस्व कर्मचारी (अरगोड़ा अंचल) लक्ष्मीकांत मुंडा की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार से अविलंब और निष्पक्ष जांच कराने तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। आज लक्ष्मीकांत मुंडा के पार्थिव शरीर के पोस्टमार्टम के दौरान उन्होंने रिम्स परिसर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

जमीन माफियाओं पर ठोस कार्रवाई करे सरकार

अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब सरकारी कर्मचारी अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा कौन देगा? उन्होंने प्रशासनिक पदाधिकारियों से बात कर हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, घटना की गहन जांच और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि राजधानी रांची सहित राज्य के शहरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन माफियाओं की बढ़ती सक्रियता गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को इनके विरुद्ध ठोस अभियान चलाना चाहिए। लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या की जांच में जमीन माफियाओं की संभावित भूमिका सहित सभी पहलुओं की पड़ताल होनी चाहिए। यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति या प्रशासनिक तंत्र से जुड़े किसी व्यक्ति के संरक्षण की बात सामने आती है, तो उसकी भी जवाबदेही तय की जाए।

राजस्व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन की पैमाइश, अभिलेखों और राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। गड़बड़ियों की जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रभावशाली लोगों के दबाव और माफिया गठजोड़ की शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है। ईमानदारी से काम करने वाले राजस्व कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि जमीन विवादों और भू-माफियाओं से जुड़े गंभीर मामलों की जांच के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की जाए। निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं होने पर देरी की जिम्मेदारी तय हो और आवश्यकता के अनुसार मामला स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपा जाए। गंभीर मामलों में जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच की दिशा में भी कदम उठाए जाएं।

पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था जरूरी

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करे तथा आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रावधानों को मजबूत बनाए। जमीन माफियाओं के आतंक और दबाव के बीच न नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रह सकते हैं, न राजस्व कर्मचारी निर्भय होकर अपना दायित्व निभा सकते हैं।

Share This News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *