मानगो उलीडीह स्थित आशा फर्नीचर के मालिक संदीप चौधरी को धोखाधड़ी के एक मामले में अदालत ने 1 वर्ष की कैद और प्रार्थी को मूलधन समेत 22 लाख रुपए लौटने के आदेश दिये
श्री दर्पण न्यूज, जमशेदपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी रितु कुजूर की अदालत में २० लाख रुपए की धोखाधड़ी के एक मामले में आशा फर्नीचर के मालिक संदीप चौधरी को 1 वर्ष कारावास और 22 लाख रुपए अदा किए जाने का आदेश दिया है।
यह मामला वर्ष 2018 का है। मानगो डिमना रोड चंद्रावती नगर निवासी निर्मल कुमार झा से मानगो मुन सिटी निवासी संदीप चौधरी ने कारोबार के लिए 30 लाख रुपए का दोस्ताना कर्ज लिया था, इस वायदे पर की 15 दिनों के अंदर वह उनका रूपया वापस कर देगा। लेकिन समय के साथ-साथ वह टालमटोल करने लगा। यहां तक की मून सिटी स्थित अपने फ्लैट और फर्नीचर के कारोबार को समेट कर वह पटना शिफ्ट कर गया।
संदीप चौधरी ने 20 लाख रुपए के चेक दिये
बार-बार तगादे के बाद निर्मल कुमार झा पटना में उससे जाकर मिले और अपने रुपए की मांग की। उसके बाद संदीप चौधरी ने निर्मल कुमार झा को 20 लाख रुपए का आइसीआइसीआइ बैंक मानगो डिमना रोड की शाखा का चेक दिया और वायदा किया शेष 10 लाख रुपए वह उन्हें कैश में वापस लौटा देगा।
चेक बाउंस हो गया
निर्मल कुमार झा ने चेक को आइसीआइसीआइ बैंक की शाखा में जमा किया, लेकिन अकाउंट में पैसा नहीं होने के कारण यह चेक बाउंस कर गया। उसके बाद श्री झा ने संदीप चौधरी को एक लीगल नोटिस जारी किया, जिसका संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी का एक मामला जमशेदपुर की एक अदालत में दाखिल किया।
30 लाख रुपए की धोखाधड़ी का शिकायत बाद कोर्ट में दाखिल हुआ
मामले की सुनवाई न्यायिक दंडाधिकारी रितु कुजूर की अदालत में हुई। लगभग सात वर्षो तक मामले की सुनवाई चली और दो लोगों की गवाही हुई। चेक बाउंस की प्रमाणिकता भी रिकॉर्ड के साथ संलग्न थी। शुक्रवार को अदालत ने इस मामले में संदीप चौधरी को दोषी पाया और चेक की राशि 20 लाख रुपए ब्याज सहित कुल 22 लाख रुपए लौटाने के आदेश दिए और एक वर्ष कारावास की सजा मुकर्रर की।
