शिक्षा में समानता और एकरूपता स्थापित करने की मांग को लेकर झारखंड शिक्षा उत्थान समिति बड़े आंदोलन की तैयारी में, होंगे चरण वध आंदोलन
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : स्थापना के बाद अपनी पहली ही बैठक में झारखंड शिक्षा उत्थान समिति ने शिक्षा में एकरूपता, समान शिक्षा नीति लागू करने, निजी स्कूलों की मनमानी रोकने की मांग को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सिदगोड़ा स्थित कार्यालय में बैठक के बाद समिति के संरक्षक और आजसू केंद्रीय कमेटी के महासचिव चंद्रगुप्त सिंह ने गुरुवार को आयोजित एक्सप्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया की निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी, पाठ्यक्रम में बदलाव, पुन: ऐडमिशन के नाम पर जबरन धन उगाई जैसे कार्य बंद होने चाहिए। इस नीति से एक ओर जहां अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है, वही बच्चों पर भी इसका कुप्रभाव देखा जा रहा है। इसके अलावे सीबीएसई, आईसीएसई, झारखंड बोर्ड के विभिन्न पाठ्यक्रमों की वजह से अभिभावकों को पाठ्य पुस्तकों पर भारी रकम खर्च करनी पड़ती है। हर वर्ष पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाता है, जिससे पुस्तकों का पुनः उपयोग नहीं हो पाता और हजारों रुपए के पुस्तक रद्दी की टोकरी में डाल दिए जाते हैं। पढ़ाई में भी एकरूपता नहीं आ पाती। सरकार को इन विषमताओं को रोकने की दिशा में काम करना चाहिए।
मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे पोस्टकार्ड
झारखंड शिक्षा उत्थान समिति शिक्षा में समानता और एकरूपता स्थापित करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। भिक्षाटन का कार्य किया जाएगा।
आंदोलन के पहले चरण में हस्ताक्षर अभियान और भिक्षाटन होगा
बड़ी संख्या में लोगों के माध्यम से हस्ताक्षर युक्त पोस्टकार्ड झारखंड के मुख्यमंत्री को भेजवाने का काम करेगी। जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री से यह मांग की जाएगी कि वह पूरे राज्य भर में विषय वार एक समान पाठ्यक्रम लागू करें, ताकि सभी प्रकार के बोर्ड के लिए एक समान पुस्तक हो। शिक्षा में समानता और एकरूपता स्थापित हो। एक ही बोर्ड के विभिन्न विद्यालयों में अलग-अलग पुस्तक के चलने की व्यवस्था समाप्त हो। साथ ही री एडमिशन और बिल्डिंग फंड के नाम पर धन की उगाही बंद हो। सभी को समान रूप से शिक्षा मिले।
आंदोलन के दूसरे चरण में विधानसभा का घेराव और पैदल मार्च होगा
अगर मुख्यमंत्री झारखंड शिक्षा उत्थान समिति की मांगों पर ध्यान नहीं देंगे या कोई निर्णय नहीं लेंगे तो बड़े आंदोलन किए जाएंगे। चंद्रगुप्त सिंह ने कहा की समिति विधानसभा का घेराव करेगी। उससे भी बात नहीं बनी तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। पैदल मार्च किया जाएंगा। ताकि समाज में शिक्षा के स्तर को बेहतर किया जा सके। ताकि शिक्षा के क्षेत्र में एकरूपता स्थापित की जा सके।
निजी स्कूलों पर लगाम जरूरी
एक सवाल के जवाब में चंद्रगुप्त सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाया जाए। निजी स्कूलों की मनमानी बंद की जाए, ताकि गरीब के बच्चे भी अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके। आज की प्रेस वार्ता में चंद्रगुप्त सिंह के अलावा, झारखंड शिक्षा उत्थान समिति के संस्थापक क्रांति सिंह रविंद्र सिंह, आजाद गिरी, कंचन सिंह मनोज गुप्ता, दीपक कुमार और अन्य लोग मौजूद थे।
