Event More News

न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई बने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया

श्री दर्पण न्यूज, नई दिल्ली, जमशेदपुर :  न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश का पद संभाल लिया। रष्ट्रपति भवन में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद की शपथ दिलायी. जस्टिस गवई ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की जगह ली, जो सेवानिवृत्त हुए हैं. इससे पहले बीते माह की 30 तारीख को कानून मंत्रालय ने जस्टिस गवई की भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। 16 अप्रैल को सीजेआई खन्ना ने केंद्र सरकार से उनके नाम की सिफारिश की थी। जस्टिस गवई का कार्यकाल छह महीने का होगा। वह 23 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे।

जस्टिस गवई ने 1985 में बातौर अधिवक्ता शुरु किया था करियर 

जस्टिस गवई का 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्म हुआ था। उन्होंने 1985 में कानूनी करियर शुरू किया। 1987 में बॉम्बे हाईकोर्ट में स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू की। इससे पहले उन्होंने पूर्व एडवोकेट जनरल और हाईकोर्ट जज स्वर्गीय राजा एस भोंसले के साथ काम किया। 1987 से 1990 तक बॉम्बे हाईकोर्ट में वकालत की। अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में सहायक सरकारी वकील और एडिशनल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर के रूप में नियुक्त हुए। 14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट के एडिशनल जज के रूप में प्रमोट हुए। 12 नवंबर 2005 को बॉम्बे हाईकोर्ट के परमानेंट जज बने।

Share This News

One thought on “न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई बने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया

  • I don’t think the title of your article matches the content lol. Just kidding, mainly because I had some doubts after reading the article.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *