नन्हे कदमों को मिला अपनों का साथ: घाघीडीह बाल सुधार गृह में जगी उम्मीदों की नई किरण, बच्चों को सुकून देकर प्रसन्नता मिली : सीजेएम
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : कड़ाके की इस ठंड में जब हर कोई अपनों की गर्माहट तलाश रहा है, जमशेदपुर के घाघीडीह बाल सम्प्रेषण गृह में मानवता की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। अवसर था भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के संस्थापक पूज्य राजा चंद्रवंशी जी की पुण्यतिथि का, जिसे सेवा और सद्भावना के संकल्प के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जमशेदपुर सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल गौरव और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिन सौरव त्रिपाठी थे। इस मौके पर अपने विचार रखते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि बच्चों के बीच राहत सामग्री और खाने की सामग्री बताकर मुझे अति प्रसन्नता मिली बच्चों की खुशी में मुझे काफी खुशी मिली है।

स्नेह और सुधार की एक नई पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकार और भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के संस्थापक राजा चंद्रवंशी की तस्वीर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. एन. पाल द्वारा पुष्प अर्पित कर की गई। इस मौके पर सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल गौरव और डीएलएसए सचिव सौरभ त्रिपाठी महोदय ने बच्चों के बीच पहुँचकर उनसे आत्मीय बातचीत की। उन्होंने न केवल बच्चों का हाल-चाल जाना, बल्कि उन्हें जीवन की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित भी किया।
सराहनीय प्रयास: जूते और उपहारों का वितरण
ठिठुरती ठंड को देखते हुए बच्चों की जरूरतों का विशेष ख्याल रखा गया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चों को ठंड से बचाव के लिए जूते और पौष्टिक खाद्य सामग्रियां बांटी गईं। अधिकारियों ने बच्चों को साफ-सफाई रखने, मन लगाकर पढ़ने और आपस में मिल-जुल कर रहने की सलाह दी। बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए एक बेहतर भविष्य चुनने का आह्वान किया गया। इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में डीएलएसए के सहायक रवि मुर्मू, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अवधेश कुमार यादव, पीएलवी अरुण रजक, राम कंडे मिश्रा, गोलिरिया पूर्ति और सीमा देवी का विशेष सहयोग रहा। साथ ही भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के महासचिव वेद प्रकाश, सचिव धीरज कुमार झा और कोषाध्यक्ष अशोक खंडेलवाल ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
”जब समाज का साथ मिलता है, तो भटकते हुए कदम भी सही रास्ते पर लौट आते हैं।”
