धातकीडीह मुखी बस्ती में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, अन्नी अमृता, सत्यवान मुखी और सुनीता मुखी ने किया ध्वजारोहण
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : आज हम आजाद हैं, खुलकर सांस ले रहे हैं, तो वह उन वीर शहीदों की देन है, जो हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए..यह उन अनगिनत वीर सपूतों की देन है, जिन्होंने भारत मां के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी. यह उस असहयोग आंदोलन का परिणाम है, जो गांधी जी के आह्वान पर शुरु हुआ और जिसमें पूरा देश अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई में कूद पड़ा था.” सामाजिक कार्यकर्ता सह वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता ने उपरोक्त बातें धतकीडीह मुखी बस्ती में सत्यवान मुखी के नेतृत्व में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लोगों और बच्चों को संबोधित करते हुए कही.
धातकीडीह में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से माना
धतकीडीह मुखी बस्ती में हर वर्ष की तरह स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया. पहला कार्यक्रम सत्यवान मुखी के नेतृत्व में उनकी गली में आयोजित हुआ जहां वरिष्ठ पत्रकार सह सामाजिक कार्यकर्ता अन्नी अमृता बतौर अतिथि उपस्थित हुईं. कार्यक्रम में सबसे पहले सबने एक स्वर में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाया और फिर अन्नी अमृता ने सत्यवान मुखी के सहयोग से ध्वजारोहण किया, जिसके बाद सबने राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया.
बच्चों के बीच टॉफियां बंटी
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और बड़ों के बीच टाॅफियां वितरित की गईं, जिसे पाकर बच्चे खासकर काफी खुश हुए..अभावों से भरी इस बस्ती के बच्चों ने ‘देश रंगीला-रंगीला’ गाने पर नृत्य पेश करके देश के प्रति अपने प्रेम को प्रकट किया. अन्नी अमृता ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें स्वतंत्रता के महत्व के बारे में बताया. सत्यवान मुखी के नेतृत्व में काफी संख्या में बस्तीवासी एकत्रित हुए और देश के प्रति अपने प्रेम को दर्शाया. सत्यवान मुखी की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता स्वित्सा मुखी ने अन्नी अमृता को शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया.
सुनीता मुखी ने किया ध्वजारोहण
दूसरा कार्यक्रम दिवंगत मुखिया सुरेश मुखी की पत्नी सुनीता मुखी के नेतृत्व में मंदिर के पास हुआ, जहां उन्होंने अतिथियों के साथ मिलकर ध्वजारोहण किया. कार्यक्रम में अतिथियों ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला.
कार्यक्रम के दौरान दिवंगत नेता सुरेश मुखी को लोगों ने श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया. इस कार्यक्रम के आयोजन में अमृत मुखी, सन्नी मुखी, श्रवण मुखी और पूनम मुखी समेत अन्य कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
