झारखंड के अधिकारों पर ‘डाका’ बर्दाश्त नहीं: MMDR विधेयक 2026 के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए MMDR (खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को राज्य के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है। बिष्टूपुर स्थित तिलक पुस्तकालय (कांग्रेस कार्यालय) में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि यह विधेयक झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों को छीनने की एक बड़ी साजिश है। इसके विरोध में तथा अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के खिलाफ कांग्रेस पूरे देश में चरणबद्ध जनांदोलन छेड़ने जा रही है।
झारखंड की खनिज संपदा ने अर्थव्यवस्था की नीव रखी : बन्ना गुप्ता
जिला कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रेस वार्ता में बन्ना गुप्ता ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा ने देश की अर्थव्यवस्था की नींव रखी है, लेकिन इसके बदले झारखंडवासियों को केवल विस्थापन, प्रदूषण और बेरोजगारी मिली है।
केंद्र सरकार से 5 मांगें
केंद्र सरकार से 5 प्रमुख मांगें को रखते हुए बन्ना गुप्ता ने कहा कि सबसे पहले राज्य का अधिकार सुरक्षित हो। खनिज नीतिगत निर्णयों में राज्य की निर्णायक भूमिका हो। जल, जंगल, जमीन की रक्षा होनी चाहिए । खनन के नाम पर आदिवासियों व मूलवासियों का विस्थापन बंद हो। कोयला, लोहा, तांबा व यूरेनियम जैसे खनिजों के राजस्व का सही हिस्सा मिले और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिले।
संघीय ढांचे का सम्मान
राज्यों के अधिकारों को दरकिनार कर केंद्र का एकतरफा नियंत्रण रोका जाए। राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वदलीय व जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।
“झारखंड की धरती केवल खनिज निकालने की जमीन नहीं, यह झारखंडियों की पहचान और भविष्य का आधार है।”
जनांदोलन का तय कार्यक्रम
27 अगस्त: जमशेदपुर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन एवं महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन।
07 सितंबर: रांची में राजभवन (लोकभवन) के समक्ष राज्यस्तरीय महाधरना।
09 से 16 सितंबर: राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर चरणबद्ध धरना-प्रदर्शन।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्र सरकार इस विधेयक में संशोधन कर राज्य के अधिकारों को बहाल नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
