पत्नी के इलाज में मानसिक रूप से परेशान चल रहे इंस्पेक्टर आनंद मिश्रा ने मांगी थी थानेदारी से मुक्ति, सीनियर एसपी को दिया था आवेदन
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : पिछले कुछ समय से बीमार पत्नी के इलाज में शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान चल रहे सीतारामडेरा थाना के निवर्तमान प्रभारी आनंद मिश्रा ने 24 घंटा पूर्व ही थानेदारी से मुक्त करने की इच्छा जताते हुए सीनियर एसपी डॉक्टर एहतेशाम वकारिब को पत्र लिखा था। लेकिन उन्हें पद मुक्त किए जाने के वजाय निलंबित ही कर दिया गया।
पुलिस सेवा का लंबा अनुभव है इंस्पेक्टर आनंद मिश्रा के साथ
सबसे अहम बात यह रही की जिस संवेदनहीनता और लापरवाही का आरोप लगाकर थाना प्रभारी को निलंबित किया गया उन आरोपों पर आनंद मिश्रा द्वारा दी गई
सफाई की अनदेखी भी की गई। जिस पुलिस अधिकारी के पीछे पुलिस सेवा का 30 वर्षों का लंबा अनुभव हो उस पर संवेदनहीनता और लापरवाही के आरोप लगाए जाने का कोई लॉजिक या मतलब नहीं निकाला जा सकता, जो पुलिस महकमा में चर्चा का विषय है।
कनीय की लापरवाही का टिकरा फूटा थानेदार पर
थानेदार ने जिस कनीय पुलिस अधिकारी को मामले की जांच का जिम्मा लगाया था, उन्होंने अपने कार्य की जवाबदेही थाना प्रभारी के प्रति सुनिश्चित नहीं की। जिसका खामियाजा थानेदार को भुगतना पड़ा। बताया जाता है की जमशेदपुर में पदस्थापित थानेदारों में आनंद मिश्रा उन दो- चार पुलिस अधिकारी में शुमार हैं जिनके पास पुलिस सेवा का इतना लंबा अनुभव है। पुलिस महकमा में इस बात की चर्चा है कि सीनियर एसपी एहतेशाम वकारिब को इस पूरे प्रकरण में सही बात से दूर रखा गया। हालांकि इस विषय की भी शहर में चर्चा है की वर्तमान सीनियर एसपी की कार्य शैली बेहतरीन है। वे अपराध के साथ-साथ अपराधियों और पुलिस की कार्य शैली पर भी विशेष नजर रखते हैं।
पत्नी का इलाज हैदराबाद के एआईजी हॉस्पिटल में चल रहा
उल्लेखनीय है कि इंस्पेक्टर आनंद मिश्रा की पत्नी पिछले कुछ माह से लगातार बीमार चल रही है। उनका इलाज हैदराबाद के एआईजी हॉस्पिटल में चल रहा है। जिसकी वजह से उन्हें लगातार हैदराबाद आना जाना पड़ा है । इन परेशानियों को विभाग ने कोई तबज्जो नहीं दी और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर निलंबित किया गया, जो शहर के पुलिस महकमे में चर्चा का विषय है।
