जिला कोर्ट न्याय सदन में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स का प्रशिक्षण शिविर आयोजित, वरीय अधिवक्ताओं ने दिए कानूनी जागरूकता के लिए कार्य करने के निर्देश
श्री दर्पण न्यूज़ जमशेदपुर : जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी के निर्देशानुसार बुधवार को कोर्ट परिसर स्थित न्याय सदन में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को उनके कार्य क्षेत्र, कर्तव्य, अधिकार और निर्देशित कार्यों को निष्ठा पूर्वक और जवाबदेही के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण सत्र में न्याय सदन के अधिवक्ताओं के के सिन्हा,एल ए डी एल अंकित प्रताप कुंअर, विदेश सिन्हा और मनोज कुमार सिंह ने पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को उनके उत्तरदायित्वों के निर्वहन का बोध कराया।
जरूरतमंदों को डीएलएसए मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दें
पीएलबी कार्यकर्ताओं को बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कानूनी जागरूकता के साथ-साथ पीड़ित, प्रताड़ित और परेशान लोगों को न्याय दिलाने के प्रयास करें। डोर टू डोर पहुंच कर लोगों को न्याय सदन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं का ज्ञान करायें। जरूरत पड़ने पर उन्हें डीएलएसए के संपर्क में लाएं। किसी भी तरह के विधिक कार्य के लिए डीएलएसए से संपर्क स्थापित कर उसके निर्देशानुसार कार्य करें।
कार्य क्षेत्रों का ज्ञान कराया
बाल कल्याण, बाल संरक्षण, बाल श्रम, बाल सुधार, बाल अपराध जैसे कार्यों के निष्पादन में अपेक्षित सहयोग करें। पारिवारिक झगड़ों के निपटारे के लिए कानूनी सलाह, वृद्ध अथवा महिला पेंशन, स्पॉन्सरशिप के तहत मिलने वाले सुविधाओं की जानकारी जरूरमंद लोगों के बीच पहुंचाएं। जरूरत पड़े तो उनका सहयोग करें। अक्षम और गरीब लोगों को डीएलएसए के तहत निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए उनकी मदद करें और उनका डीएलएसए से संपर्क स्थापित करायें।
पीएलवी कार्यकर्ताओं को जन-जन तक पहुंचने के निर्देश
सार्वजनिक स्थलों पर पीएलवी अपना नाम पता और मोबाइल नंबर लगाये, ताकि जरूरतमंद लोग उनके संपर्क में आ सके। थानों में स्थापित पीएलबी पुलिस अथवा सरकारी कार्यों में बिना हस्तक्षेप के जरूरतमंद की मदद करें। अगर ऐसा संभव न हो तो डीएलएसए से संपर्क स्थापित कर सलाह ले सकते हैं।
डीएलएसए के निर्देशानुसार कार्य करें पीएलवी
प्रताड़ना अथवा पुलिस नेगलिजेंसी जैसे मामलों में पीड़ित परिवार की सहायता डीएलएसए के आदेश अनुसार पीएलवी को करना चाहिए। उन्हें कानूनी सलाह दें और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सचेत करायें। प्राकृतिक आपदा अथवा असामयिक आपदा, दिव्यांग, पशु हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप, वज्रपात, हिरासत, जेल जैसे क्षेत्र में पीड़ित व्यक्तियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की जानकारी दें और जरूरत अनुसार विधिक सहायता के लिए भी कानूनी सलाह दें।
जरूरतमंद व्यक्ति सीधे डीएलएसए से जुड़े
प्रशिक्षण सत्र में पीएलवी को बताया गया कि 15100 पोर्टल नंबर पर पीड़ित व्यक्ति को सीधे शिकायत करने की सुविधा की जानकारी दें। नाम पता और मोबाइल नंबर भी भेजें। जरूरत पड़े तो नाम और पता को सार्वजनिक न करने का भी अनुरोध कर सकते हैं जिसका पालन अक्षरस: किया जाता है। प्रशिक्षण सत्र में अधिकताओं ने बताया कि किसी मामले में आरोपित महिला को सूर्योदय के पहले और सूर्यास्त के बाद थाना नहीं लाया जा सकता है। उन्हें हथकड़ी लगाना गैर कानूनी हैं। नाबालिक बच्चों को भी हथकड़ी नहीं लगाया जा सकता। पीएलबी को यह बताया गया कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कानून का किसी भी हाल में दुरुपयोग और गैर कानूनी कार्य न हो।
