ताजा खबरेंEditor's Pick

मोबाइल का अधिक उपयोग अति हानिकारक, अधिकांश युवा हो रहे हैं बीपी, मधुमेह और किडनी के रोगी

श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : मोबाइल के अधिक उपयोग के कारण कोल्हान के युवा कम उम्र में मधुमेह, बीपी, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियों के शिकार हो जा रहे हैं। फिर नियमित दवाईयों के सेवन का सिलसिला शुरु हो रहा है जो युवाओं को हार्ट का मरीज बना रहा है। यह कहना है ब्रह्मानंद हॉस्पिटल के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ. अखलाक अहमद का। वे गुरुवार को साकची के एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

हर दिन 10 से 20 मैरिज हार्ट अटैक के पहुंच रहे हैं अस्पताल

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के अस्पतालों में हर दिन हार्ट अटैक के औसत 20 मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों में औसत 8 मरीजों की उम्र 20-35 वर्ष के बीच रही है जो चिंताजनक है। इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण कम उम्र से दवाईयों का सेवन करना है। बदलते जीवन शैली में मोबाइल की बढ़ती उपयोगिता के कारण देर से सोना सुबह देर से जगना इसका प्रमुख कारण है। डाॅ. अहमद ने बताया कि उनके हॉस्पिटल में कोल्हान का पहला आर्बिटल एथरेक्टाॅमी का सफल उपयोग कर 72 वर्षीय मरीज का एंजियोप्लास्टी किया गया है जो अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।

नई तकनीक सरल सुविधाजनक और कम खर्चीला भी है

यह नई तकनीक नहीं होने पर मरीज को ओपन हार्ट सर्जरी कराना पड़ती जो जोखिमपूर्ण होने के साथ साथ मरीज को अधिक दिनों तक हॉस्पिटल में रहना पड़ता। लेकिन नई तकनीक से आपरेशन के अगले ही दिन मरीज को छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का उपयोग कैल्सीफाइड कोरोनरी ऑर्टरी डिजीज को ठीक करने के लिए किया जाता है। आम तौर पर एेसे मरीजों के ऑर्टरी में स्टेन ठीक से नहीं बैठ पाता है और उन्हें ओपन हार्ट सर्जरी करानी पड़ती है। लेकिन नई तकनीक में ब्लॉकेज को मशीन के जरिए पूरी तरह साफ कर स्टेन लगाया जा रहा है जो सुरक्षित होने के साथ कम पीड़ा देने वाला है। उन्होंने कहा कि बीएनएच कोल्हान का इकलौता हास्पिटल है जहां यह सुविधा उपलब्ध है। मौके पर तकनीक से इलाज कराए हुए 72 वर्षीय मरीज और उनके परिजन भी मौजूद थे।

दिसंबर से आईवी, यूएस की मिलेगी सुविधा

बीएनएच के अधीक्षक डाॅ. मुकेश ने कहा कि दिसंबर तक अस्पताल में आईवी, यूएस की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। इस सुविधा के शुरु होने से मरीजों के ऑर्टरी ब्लॉकेज की सटीक जानकारी मिलेगी जिससे उपचार और बेहतर होगा। अभी एंजियोग्राफी में उपर से ब्लॉकेज दिखता है लेकिन इस नई सुविधा से ब्लॉकेज के अंदरुनी हिस्से की सटीक जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दिसंबर तक हॉस्पिटल में नई एमआरआई मशीन भी लगेगी। उन्होंने कहा कि नारायणा हेल्थ का उद्देश्य दुनिया में शुरु लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग जमशेदपुर समेत देश के अन्य सेंटरों में करना तथा वह सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़े। मौके पर हॉस्पिटल के फेसिलिटी डायरेक्टर धर्मा राव समेत अन्य डॉक्टर व कर्मचारी मौजूद थे।

Share This News

560 thoughts on “मोबाइल का अधिक उपयोग अति हानिकारक, अधिकांश युवा हो रहे हैं बीपी, मधुमेह और किडनी के रोगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *