नाबालिगों के साथ बढ़ते यौन अपराध में पोक्सो एक्ट की प्रासंगिकता को समझना जरूरी : कुमार सौरभ त्रिपाठी
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : 90 दिनों तक चलने वाले कानूनी जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को डालसा (जिला विधिक सेवा प्राधिकार) की टीम को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज पहुंची, जहां लॉ कॉलेज के छात्रों ने कानूनी जागरूकता के तहत अपना ज्ञानवर्धन किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम का नेतृत्व स्वयं डीएलएसए के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी कर रहे थे। लॉ कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भी वही थे। उनके अलावे को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, लीगल एड डिफेंस क्लिनिक के प्रमुख विदेश सिन्हा, सहायक मनोज कुमार सिंह, मेडिएशन के अधिवक्ता के के सिन्हा, पीएलवी केके शुक्ला, डीएलएसए की ओर से रवि मुर्मू, पीएलवी सूरज कुमार, शिव रजक , प्रभात कुमार और रामकंडेय मिश्रा भी कार्यक्रम में मौजूद थे । इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लॉ कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत 3 श्रेणियां में सजा का प्रावधान
आज के कार्यक्रम का मुख्य विषय पोक्सो एक्ट के तहत आने वाले अपराध की श्रेणियां और एनडीपीएस एक्ट की जानकारी लॉ के छात्रों को दी गई। इस मौके पर कानून के विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन करते हुए डीएलएसए के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि पोक्सो एक्ट को आठ श्रेणियां में बांटकर उसके तहत होने वाले अपराध को परिभाषित किया गया है। सभी तरह के अपराधों के लिए अलग-अलग दंड के प्रावधान भी हैं। छेड़खानी से लेकर नाबालिग लड़कियों के साथ किए जाने वाले बलात्कार और हत्या, सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामलों में फांसी तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
अपराध की संभावना और अपराध होता देख चुप रहना भी अपराध की श्रेणी में शामिल

उन्होंने कहा कि इसके तहत होने वाले अपराध में अपराध की संभावना और अपराध होते देखकर चुप रह जाना भी अपराध की श्रेणी में है। अगर आप अपराध की संभावना और अपराध होता देखते हैं तो निश्चित रूप से स्थानीय पुलिस प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भी इसकी सूचना दे सकते हैं। श्री त्रिपाठी ने गरीब तबके के मजबूर विक्टिम को निःशुल्क कानूनी सहायता के अलावा अन्य तरह के प्रावधानों की जानकारी भी कानून के छात्रों को दिए। इसके अलावा उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत होने वाले अपराध के बारे में भी छात्रों को बताया। उन्होंने इस अपराध की तीन श्रेणियां भी छात्रों को बताई और उसके तहत दिए जाने वाले सजा को भी रेखांकित किया।
अच्छे से कानून की पढ़ाई करने वाले अच्छा वकील और न्यायिक पदाधिकारी बनेंगे
उन्होंने कानून के छात्रों को बताया की निश्चित रूप से आप कानून की बारीकियों का अध्ययन करें । अपना ज्ञानवर्धन करें ताकि आने वाले समय में आप एक अच्छे वकील, अच्छे न्यायिक पदाधिकारी बन सके। इसके अलावा कॉलेज के प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, विदेश सिंह , मनोज कुमार सिंह केके सिन्हा , केके शुक्ला ने भी छात्रों को पोक्सो एक्ट और डीएलएसए के द्वारा किए जाने वाले कानूनी सहयोग मदद और विक्टिम को दी जाने वाली सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
