“इग्नू बी.एड. कार्यशाला का शुभारंभ”: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता पर कुलपति का प्रेरणादायी संबोधन
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के बी.एड. कार्यशाला का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यशाला की संचालक डॉ. त्रिपुरा झा द्वारा कुलपति प्रो. डॉ. ईला कुमार एवं उपस्थित प्रशिक्षुओं का स्वागत किया गया। भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार कार्यक्रम का प्रारंभ प्रार्थना के साथ किया गया।
वर्तमान समय में एआई की उपयोगिता एवं महत्व

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. ईला कुमार ने वर्तमान समय में Artificial Intelligence (AI) की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने AI के साथ Emotional Quotient (EQ) तथा Spiritual Quotient (SQ) के समन्वय को अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि आज AI केवल तकनीकी क्षमता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मानवीय भावनाओं एवं आध्यात्मिक मूल्यों को भी समझने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मंच का संचालन कर रही डॉक्टर त्रिपुरा झा से प्रभावित हुई कुलपति इला कुमार
कार्यक्रम का संचालन इग्नू की कोऑर्डिनेटर डॉक्टर त्रिपुरा झा ने किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में उच्च शिक्षा के समक्ष चुनौतियां तो कई हैं लेकिन उन चुनौतियों का सरल निदान भी हमारे समक्ष है। आज एआई की मदद से हम शिक्षा के समक्ष आई चुनौतियों का बड़े ही सारगर्भित और आसान तरीके से सामना ही नहीं कर रहे हैं बल्कि उसका निदान भी ढूंढ रहे हैं।
मंच संचालन के समय डॉक्टर त्रिपुरा झा द्वारा किए गए हिंदी शब्दों के प्रयोग, उसकी सारगर्विता और अलंकरण से कुलपति इला कुमार बड़ी अविभूत और प्रभावित हुई।उन्होंने यहां तक कह दिया कि डॉक्टर त्रिपुरा झा की हिंदी पर पकड़ बहुत मजबूत है। मैं उनकी तरह हिंदी नहीं बोल पाऊंगी। लेकिन अगले बार अगर कार्यक्रम में आऊंगी तो इस बात का पूरा प्रयास करूंगी कि मैं डॉक्टर झा की तरह हिंदी बोल सकूं। हमारे लिए यह गर्व की बात होगी।
माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता संबंधी चुनौतियां
कार्यशाला के तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में रिसोर्स पर्सन डॉ. सुचित्रा बेहरा ने “शिक्षक शिक्षा में प्रतिमान परिवर्तन” एवं “माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता संबंधी चुनौतियाँ” विषय पर पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने विषय के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षार्थियों के उत्साह, जिज्ञासा एवं सहभागिता को प्रेरित किया।
इस अवसर पर सहायक समन्वयक डॉ. विजेता कुमारी, संसाधन सेवी डॉ. अरुणिमा कुमारी, श्री प्रभाकर राव, श्री उपेंद्र शर्मा एवं शिक्षा संकाय के अध्यापकगण की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यशाला को सफल, प्रभावी एवं सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला के प्रथम दिवस का सफल समापन हुआ।
