ताजा खबरें

अरुणाचल में गूँजी जमशेदपुर की धमक, राज्यपाल ने किया डॉ. त्रिपुरा झा को सम्मानित

श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : अरुणाचल प्रदेश के राजीव गांधी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन युवा विनिमय कार्यक्रम’ में जानी मानी शिक्षाविद और जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ त्रिपुरा झा को सम्मानित किया गया है। जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व कर रही डॉक्टर त्रिपुरा झा की इस उपलब्धि ने शिक्षा के क्षेत्र में उनकी त्याग और तपस्या को रेखांकित किया है। अपनी विद्वत्ता और सादगी से अलग पहचान बनाने वाली डॉ. त्रिपुरा झा ने निश्चित रूप से राष्ट्रीय पटल पर झारखंड का गौरव बढ़ाया है। जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी के शिक्षा विभाग (B.Ed.) की विभागाध्यक्ष होने के साथ-साथ डॉक्टर त्रिपुरा झा जमशेदपुर में इग्नू की कोऑर्डिनेटर भी हैं। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल द्वारा एक भव्य समारोह में डॉ झा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

सम्मान में झलकी झारखंड की संस्कृति

यह सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड और अरुणाचल प्रदेश दोनों राज्यों की संस्कृतियों का मिलन बन गया। राज्यपाल ने डॉ. झा को प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा, वहीं डॉ. झा ने झारखंड की आध्यात्मिक पहचान बाबा बैद्यनाथ की प्रतिमा और अपनी चर्चित पुस्तक ‘रिश्तों में जियो’ भेंट कर झारखंड की शैक्षणिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत का परिचय दिया। डॉ त्रिपुरा झा के शब्दों में “माननीय राज्यपाल से संवाद करना और उन्हें बाबा बैद्यनाथ धाम का प्रतीक भेंट करना मेरे लिए भावुक और गर्व भरा क्षण था। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि झारखंड की माटी और विमेंस यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक संकल्पों का है।”

शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों के अटूट समर्पण ने सर्वोच्चता प्रदान की

सुलभ और सुलझा हुआ व्यक्तित्व, उच्च भारतीय संस्कृति वाले परिधान, सलज, सुशील और मृदुभाषी डॉ. त्रिपुरा झा वर्षों से शिक्षा जगत में अपनी सेवाएँ दे रही हैं। हज़ारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी डॉ. झा ने इस कार्यक्रम में जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए यह सिद्ध कर दिया कि अनुभव और ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती।

अष्टलक्ष्मी दर्शन: ज्ञान और विचारों का संगम

कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए डॉक्टर त्रिपुरा झा ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के राजीव गांधी विश्वविद्यालय में ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन युवा विनिमय कार्यक्रम’ का शुभारंभ बेहद प्रभावशाली रहा। ज्ञानवर्धक यात्रा के इस विशिष्ट पल ने हृदय को छू लिया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एस. के. नायक, रजिस्ट्रार डॉ. एन. टी. रिकम और मुख्य अतिथि के रूप में अरुणाचल सरकार के गृह एवं शिक्षा मंत्रालय की सलाहकार व विधायक मुत्चु मिथी उपस्थित थीं। पूरे कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. कौशलेंद्र प्रताप सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए छात्रों ने एक-दूसरे के विचारों को साझा किया और भविष्य के लिए मजबूत सांस्कृतिक संबंध स्थापित किए।

Share This News