रामनवमी अखाड़ा जुलूस के मौके पर ब्रह्मर्षी विकास मंच ने साकची गोल चक्कर पर लगाया सहायता शिविर, हजारों लोगों ने शिविर का लाभ उठाया
श्री दर्पण न्यूज़ जमशेदपुर : ब्रह्मर्षि विकास मंच, जमशेदपुर द्वारा रामनवमी, झंडा विसर्जन एवं विजयादशमी के पावन अवसर पर साकची गोलचक्कर में एक भव्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। झंडा विसर्जन जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु शिविर में चना, शरबत, पानी की बोतलें सहित अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई।
विगत 32 वर्षों से रामनवमी जुलूस में ब्रह्मर्षी विकास मंच करता है लोगों की सेवा

उल्लेखनीय है कि ब्रह्मर्षि विकास मंच द्वारा विगत 32 वर्षों से लगातार साकची गोलचक्कर पर सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जो समाज सेवा की एक प्रेरणादायक परंपरा बन चुकी है। शिविर में विभिन्न अखाड़ों से आए सम्मानित अतिथियों का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। साथ ही कई गणमान्य व्यक्तियों का पगड़ी पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंच के अध्यक्ष समाजसेवी विकास सिंह ने सहायता शिविर में हिस्सा लिया, लोगों को सेवाएं दी
मंच के अध्यक्ष विकास सिंह ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभी को रामनवमी एवं विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने सेवा शिविर का लाभ उठाया।
सांसद विद्युत महतो व भाजपा नेता काले भी रहे मौजूद
शिविर में उपस्थित अमरप्रीत सिंह काले ने ब्रह्मर्षि समाज के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज पिछले 32 वर्षों से निरंतर जनसेवा में समर्पित है। इस अवसर पर लोकप्रिय सांसद विद्युत बरन महतो का दीपू सिंह द्वारा अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही अन्य समाजों के गणमान्य व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।
सेवा शिविर को सफल बनाने में ब्रह्मर्षि विकास मंच के सभी कार्यकर्ताओं ने तन-मन से योगदान दिया। मंच के महासचिव अनिल ठाकुर ने शिविर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट किया।
शिविर को सफल बनाने में समाज के कई लोगों की अहम रही भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थापक महासचिव श्री राज किशोर जी, दीपू जी, राम उदय सिंह, सत्येंद्र कुमार, संस्थापक सदस्य मनोज (गुणी), भास्कर, उमानाथ, सुभाष राय, विकास जी, धनंजय राय, अशोक जी, जय कुमार जी सहित अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से साकची इकाई के महामंत्री ललित रंजन मिश्रा, विपिन जी एवं उपेंद्र शाही का उल्लेखनीय योगदान रहा। साथ ही सैकड़ों ब्रह्मर्षि बंधुओं ने पूरे उत्साह एवं समर्पण के साथ शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
