जिला प्रशासन व धरणे पर बैठे कन्वाई चालकों की बैठक बुधवार को निर्धारित, समझौते की उम्मीद बढ़ी
श्री दर्पण न्यूज, जमशेदपुर : अनुमंडलाधिकारी धालभूम जमशेदपुर के निर्देश पर टाटा मोटर्स प्रबंधन, एवं कंवाई विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों के साथ दिनांक बुधवार को प्रशासनिक बैठक निर्धारित की गई है। देश की संविधान द्वारा निर्धारित मजदूर हित में, जो तय किया गया है वहां मजदूरी ₹370 ,24 घंटा का देना, बोनस, पीएफ, इंश्योरेंस,बैंक द्वारा पेमेंट भुगतान नहीं करना, साथ में मजदूरों के नाम पर प्रबंधन द्वारा यूनियन चलाना, पूरी तरह तानाशाही को उजागर करता है, जो टाटा मोटर्स के महत्वपूर्ण विभाग जिसे कंवाई व्यवस्था कहा जाता है, जिस पर जमशेदपुर के लगभग सभी अखबार जगत द्वारा अपनी राय भी देते हुये कहा गया है कि कान्वाई चालकों के साथ अन्याय हो रहा है. जिसको लेकर टाटा मोटर,जमशेदपुर, झारखंड , के कंवाई चालक संगठन टाटा मोटर्स प्रबंधन के खिलाफ 1 मार्च 2024 से टाटा मोटर्स के महत्वपूर्ण स्थान चेचिस यार्ड, जमशेदपुर धरने पर है. 31 जनवरी 25 , धरणे का 11 महीना पूरा हो गया. 1 फरवरी 2025 से 12 महीना आरंभ है।
कन्वाई चालकों का आंदोलन किसी दबाव में उठने वाला नहीं
कन्वाई चालकों के मांगों को लेकर संगठन की ओर से ज्ञान सागर प्रसाद, वीरेंद्र पाठक, , त्रिलोकी चौधरी , भगवान सिंह, त्रिलोचन सिंह , रामचंद्र राव ने जमशेदपुर SDO से दिन के 2:30 बजे मुलाकात की. जिला प्रशासन एवं प्रबंधन यह मान चुका है कि चालकों का आंदोलन, किसी दबाव में उठने वाला नहीं है. जितना प्रयास करना था कर लिया.
कन्वाई चालकों के मुद्दे को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर उठते सवाल
अब टाटा मोटर प्रबंधन के साथ-साथ जिला प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है. झारखंड सरकार पर भी उंगली उठ रही है। 11 महीना धरना चलाना आसान बात नहीं है सभी के समझ में आ गया है,.दूसरी तरफ, टाटा मोटर प्रबंधन अपने उन कर्मचारियों को जो मात्र 8 घंटा काम करते हैं हर सुविधा देती है कोई घटना हो पर मृत्यु होने पर 50 लाख से एक करोड़ का मुआवजा, मेडिकल के नाम पर करोड़ों रुपया का अनुदान जो कल के टाटा मोटर्स के यूनियन द्वारा कार्यक्रम में दर्शाया गया है।

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