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बागबेड़ा के परशुराम भवन में झंडा बदलने के मौके पर पदाधिकारियों व सदस्यों के बीच जमकर हंगामा, महासचिव और अध्यक्ष पर गाली गलौज करने का आरोप, कोषाध्यक्ष राजेश पांडे ने कहा तानाशाही नहीं चलेगी, सबके साथ करना होगा समान व्यवहार

श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : बागबेड़ा कॉलोनी स्थित परशुराम भवन में झंडा बदलने के मौके पर बुधवार विजयादशमी के दिन ब्राह्मण समाज के दो पक्षों में जमकर कहा सुनी हुई और हल्ला हंगामा हुआ। संस्था के कोषाध्यक्ष राजेश पांडे और उनके समर्थकों ने महासचिव विमलेश उपाध्याय और अध्यक्ष डीके मिश्रा के खिलाफ

गली-गलौज करने और अपमानित करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। राजेश पांडे ने महासचिव विमलेश उपाध्याय पर आरोप लगाया कि उन्होंने मुद्दे को लेकर बागबेड़ा के लोगों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया है। उनके खिलाफ समाज को कार्रवाई करनी चाहिए और उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। क्योंकि कुछ दिनों पूर्व ब्राह्मण समाज के एक सदस्य कीताडीह निवासी अजय ओझा आप शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगा तो उनके खिलाफ अध्यक्ष डीके मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई की और उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई। ऐसे में अगर विमलेश उपाध्याय ने भी अपशब्द का इस्तेमाल किया है तो उन्हें भी समाज से बाहर कर सदस्यता रद्द कर दी जानी चाहिए। विवाद की यही बड़ी वजह थी।

अध्यक्ष और महासचिव कर रहे मनमानी, कोषाध्यक्ष के खिलाफ हिसाब मांगने पर हंगामा करने का आरोप

इसके पहले जैसे ही पूजन के बाद झंडा बदल गया और कार्यक्रम की समाप्ति हुई, वैसे ही कोषाध्यक्ष राजेश पांडे ने उपस्थित लोगों के बीच विमलेश उपाध्याय द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्दों का मुद्दा उठाया, और विमलेश उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज में दोहरी नीति नहीं चलेगी और तानाशाही प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज में एकरूपता होनी चाहिए । सभी के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।

कीताडीह निवासी अजय ओझा की तरह विमलेश उपाध्याय पर हो करवाई : राजेश पांडे

इसलिए जिस तरह से कीताडीह निवासी अजय ओझा की सदस्यता समाप्त कर उन्हें समाज से निष्कासित किया गया उसी तरह से विमलेश पांडे की सदस्यता समाप्त की जाए। हंगामा तब और बढ़ गया जब समाज के अध्यक्ष दिनेश कुमार मिश्रा ने बीच में हस्तक्षेप किया और अपनी ओर से सफाई देने की कोशिश की। इस पर राजेश पांडे ने उनके खिलाफ भी समाज के सदस्य मामा भगना के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया और कहा कि समाज में डिक्टेटरशिप नहीं चलेगी। अगर कोई समाज को अपने हाथ में लेकर चलने की कोशिश करेगा तो ऐसा भी होने नहीं देंगे। उनका सीधे-सिधी निसाना डीके मिश्रा और विमलेश उपाध्याय की ओर था। इसी तरह से कोषाध्यक्ष राजेश पांडे पर आरोप लगाया गया कि हिसाब मांगने पर कोई ना कोई बहाना से वे जानबूझकर विवाद खड़ा कर हंगामा कर रहे हैं।

कार्यकारिणी में होगी बात पर बनी सहमति, मामला हुआ शांत

काफी देर तक हल्ला हंगामा चलता रहा। लोगों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। अंत में दोनों पक्षों ने अपनी अपनी सफाई दी और कहा गया कि कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाकर इस मुद्दे को उसमें रखा जाएगा। वैसे राजेश पांडे का कहना था की अध्यक्ष डीके मिश्रा और महासचिव विमलेश उपाध्याय समाज को अपनी मुट्ठी में लेकर चलना चाहते हैं और तानाशाही करना चाहते हैं। ऐसा वे होने नहीं देंगे। समाज में कोई भी काम आपसी सहमति से होगा। किसी की भी मनमानी नहीं चलेगी। कोई भी निर्णय कार्यकारिणी की बैठक में लिए जाएंगे । किसी भी मुद्दे पर कार्यकारिणी में आम सहमति बनानी जरूरी होगी। फिलहाल इस मामले को यह कहकर टाला गया है कि कार्यकारिणी में विवादित मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा।

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