अपने अंदर में व्याप्त अहंकार, क्रोध और निराशा के अंत का संकल्प लें : अमरप्रीत सिंह काले, विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होकर सैंकड़ों समितियों का अभिनंदन किया
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : विजयादशमी के पावन अवसर पर असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक रावण दहन का शहर में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ समाजसेवी अमरप्रीत सिंह काले बागुनहातु एवं गोविंदपुर में आयोजित रावण दहन समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को स्मरण करते हुए क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा समाज में प्रेम, सद्भाव, एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने का संदेश दिया
बर्मामाइन्स , बंगाली कॉलोनी दुर्गा पूजा पंडाल में माथा टेका
इसके अलावा काले ने आज बर्मामाइन्स , बंगाली कॉलोनी दुर्गा पूजा पंडाल में माथा टेका एवं पूजा विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होकर सैंकड़ों समितियों का अभिनंदन किया ।
बागुनहातु एवं गोविंदपुर के रावण दहन समारोह में शामिल हुए अमरप्रीत सिंह काले
अमरप्रीत सिंह काले गोविंदपुर स्थित श्री श्री वीर कुंवर सिंह मैदान रावण दहन समिति द्वारा आयोजित विजयादशमी समारोह में आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया और एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएँ दीं।
इसके पश्चात बागुनहातु फुटबॉल मैदान में श्री श्री सार्वजनिक रावण दहन समिति द्वारा आयोजित भव्य समारोह में अमरप्रीत सिंह काले मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रावण दहन समारोह में भाग लिया। पूरा वातावरण उत्सव, उल्लास और धार्मिक आस्था से सराबोर रहा।
अपने पीछे छिपे अहंकार, क्रोध, द्वेष और बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प
इस अवसर पर अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, द्वेष और बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर भी है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि हम समाज में व्याप्त असमानता, वैमनस्य और सामाजिक कुरीतियों रूपी रावण का अंत करने का संकल्प लें तथा प्रेम, सद्भाव और आपसी सहयोग के आधार पर एक सशक्त, समरस एवं एकजुट समाज का निर्माण करें।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी का वास्तविक संदेश तभी सार्थक होगा, जब हम अपने आचरण में सत्य और धर्म को अपनाएँ तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।
कई गणमान्य लोग हुए कार्यक्रम में शामिल
दोनों ही स्थानों पर रावण दहन के भव्य आयोजन ने लोगों में उत्साह और उल्लास का संचार किया। आतिशबाजी और रावण दहन के बीच उपस्थित श्रद्धालुओं ने बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव मनाया तथा सुख, शांति, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव की कामना की।
इन कार्यक्रमों को सफल बनाने में गोविंदपुर में संस्थापक राधेश्याम सिंह, संस्थापक कमलेश सिंह, अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, महासचिव रमन झा, उपाध्यक्ष जूगुनू वर्मा, विकास सिंह, धीरज सिंह, कामेश्वर पांडे एवं अन्य उपस्थित रहे बागुनहातू में समिति के संरक्षक अनुभव सिन्हा सहित शशि बीर राणा, लालटु डे, मछिन्दर निषाद, हरदीप सिंह, राजू कालिंदी, सुरेन्द्र दास, कमल नामता, पंचानन्द, दीपक कर्मकार, राजू लक्ष्मी कालिंदी एवं अन्य आयोजकों का योगदान रहा।
