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कांग्रेस पार्टी ने नुक्कड सभा के माध्यम से अविलंब महिला आरक्षण लागू करने की मांग उठाई – परविंदर सिंह

श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : बारीडीह एआईसीसी एवं प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस एवं सेवादल कांग्रेस के तत्वावधान में नुक्कड सभा का आयोजन मुख्य संगठक सेवादल राजा सिंह राजपूत के अध्यक्षता बारीडीह चौक पर आयोजित की गई।

मुख्य अतिथि के रूप में परविंदर सिंह जिलाध्यक्ष ने नुक्कड सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आधी आबादी, अर्थात महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक बार फिर स्पष्ट और दृढ़ स्वर में महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम है।

महिला आरक्षण क्यों है आवश्यक? 

भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या आज भी संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। नीति-निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही समाज के सभी वर्गों का संतुलित विकास संभव है। महिला आरक्षण, न केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाएगा बल्कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भूमिका प्रदान करेगा।

कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट रुख, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा से महिलाओं के अधिकारों की प्रबल समर्थक रही है।

महिला आरक्षण को अविलंब लागू करने की मांग —आनन्द बिहारी दुबे

मुख्य वक्ता पूर्व जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान ही महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ाने के गंभीर प्रयास किए गए। पार्टी का मानना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे बिना देरी लागू करना ही वास्तविक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

वर्तमान स्थिति और सरकार की भूमिका

हाल के वर्षों में महिला आरक्षण को लेकर कई घोषणाएं हुईं, लेकिन इसे लागू करने की दिशा में ठोस और त्वरित कदम नहीं उठाए गए। इसे जनगणना और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं से जोड़कर अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है।

आरक्षण लागू में किसी तरह की देर ना हो

कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट करती है कि यह मुद्दा किसी भी प्रकार की देरी का मोहताज नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

इसे जनगणना एवं परिसीमन से जोड़कर विलंबित न किया जाए।

संसद और सभी राज्य, विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

महिलाओं के राजनीतिक प्रशिक्षण और सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएं।

सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रभाव

महिला आरक्षण लागू होने से—

लोकतंत्र और अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक बनेगा।

महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी।

नई पीढ़ी की महिलाओं को राजनीति में आने की प्रेरणा

नई पीढ़ी की महिलाओं को राजनीति में आने की प्रेरणा मिलेगी।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस यह मानती है कि

“जब तक देश की आधी आबादी को पूरा अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक लोकतंत्र अधूरा रहेगा।”

अवधेश कुमार सिंह कार्यकारी अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से यह मांग की जाती है कि वह राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए महिला आरक्षण को बिना किसी देरी के लागू करे और देश की महिलाओं को उनका हक दिलाने का मार्ग प्रशस्त करे।

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