जमशेदपुर में डालसा ने किया मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: झालसा (झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार), रांची के तत्वावधान में आज व्यवहार न्यायालय जमशेदपुर परिसर स्थित लोक अदालत हॉल में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पूर्वी सिंहभूम, अरविंद कुमार पांडे के मार्गदर्शन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी की देखरेख में आयोजित की गई।

कार्यशाला का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना और बीमा दावों को निष्पादित करना
कार्यशाला में मुख्य रूप से सड़क दुर्घटना में पीड़ित परिवारों को त्वरित न्याय दिलाने, बीमा दावों के निष्पादन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने और विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस कार्यशाला में बतौर अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला न्यायाधीश-1, कनकन पट्टादार, जिला न्यायाधीश-2 आनंद मणि त्रिपाठी और जिला न्यायाधीश-5 मंजू कुमारी उपस्थित रहीं। उन्होंने एमएसीटी मामलों के कानूनी पहलुओं, न्यायिक प्रक्रियाओं और हालिया संशोधनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अनुसंधान की एक बारीकियां से अवगत कराया और यह बताने का प्रयास किया कि उनके अनुसंधान से किसी पीड़ित हो लाभ और हानि दोनों हो सकती है इसलिए बेहतर अनुसंधान कर मानवीय मूल्यों का ध्यान रखते हुए कार्य करें। न्यायाधीश मंजू कुमारी ने सड़क हादसे की सूचना मिलने पुलिस के वहां पहुंचने और एक-एक पहलुओं पर ध्यान रखना, पूरे घटना का सूक्ष्मता से जांच करने और अनुसंधान पूरा करने की जानकारियां दी। वही पैनल अधिवक्ताओं के सवालों का जवाब सचिन कुमार सौरभ त्रिपाठी ने दिया और उनके भ्रम को दूर किया।
कार्यक्रम का संचालन एल ए डी सी मनोज कुमार सिंह ने किया
कार्यक्रम का संचालन और समन्वय डीएलएसए, जमशेदपुर के Manoj Kumar Sing LADCs Jamshedpur द्वारा किया गया। अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने भी अनुसंधान की वारिकियों से उपस्थित पुलिस अधिकारियों और पीएलबी को पीएलबी को अवगत कराते हुए कार्य करने की सलाह दिए।
उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए सभी विभागों से पीड़ित पक्षों को समय पर मुआवजा दिलाने में सहयोग की अपील की।
अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया
अधिवक्ता मध्यस्थ सह विभिन्न बीमा कंपनियों के पैनल अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह और अधिवक्ता मध्यस्थ सह नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के मास्टर ट्रेनर कमल कांत सिन्हा ने भी प्रतिभागियों को एमएसीटी मामलों में तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया।
गणमान्य लोगों की राही उपस्थिति
कार्यशाला में न्याय क्षेत्र, पुलिस प्रशासन, चिकित्सा और बीमा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें मुख्य रूप से पुलिस अधिकारी एवं चिकित्सा क्षेत्र के डॉक्टर,
विभिन्न बीमा कंपनियों के अधिकारी एवं उनके पैनल अधिवक्ता, पीड़ितों/आवेदकों की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADCs) के सदस्य,
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को बिना किसी विलंब के कानूनी सहायता और उचित मुआवजा सुनिश्चित करना है।
