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न्याय सदन, सिविल कोर्ट, जमशेदपुर के सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम एवं निवारण (POSH Act,2013) विषय पर पैरा लीगल वॉलिंटियर्स के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर : कामकाजी महिलाओं से कार्य स्थल पर होने वाले परोक्ष और प्रत्यक्ष यौन उत्पीड़न की रोकथाम विषय पर न्याय सदन कोर्ट परिसर में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। क्षेत्र में घूम-घूम कर कानूनी जागरूकता के लिए कार्य करने वाले पैरा लीगल वॉलिंटियर्स को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी और पैनल अधिवक्ता प्रीति मुर्मू ने POSH act की की वारिकियों की जानकारी दी। ताकि कामकाजी महिलाओं को यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों से बचाया जा सके और जरूरत पड़ने पर इस एक्ट का प्रयोग किया जा सके।

डालसा सचिव ने कानून की बारीकियां समझाया 

डालसा के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी एवमं पैनल अधिवक्ता प्रीति मुर्मू ने 30 पीएलव्वी सह अधिकार मित्रों के साथ जानकारी साझा की और बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित,सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रीवेंशन एंड सेक्सुअल हैरेसमेंट एक्ट 2013 बनाया गया।

प्रीवेंशन एंड सेक्सुअल हैरेसमेंट एक्ट 2013 से इंप्लीमेंट

यह अधिनियम 22 अप्रैल 2013 को अधिनियमित हुआ तथा 9 दिसंबर 2013 से प्रभावी हुआ। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करना, ऐसी घटनाओं की रोकथाम करना तथा प्राप्त शिकायतों के निष्पक्ष एवं समयबद्ध निवारण की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। अधिनियम के तहत महिला की गरिमा,समानता और सुरक्षित कार्य वातावरण के अधिकार को विशेष महत्व दिया गया है।

सहकर्मी महिला को नागवार लगने वाली गतिविधि यौन अपराध

अधिनियम के अनुसार अनचाहा शारीरिक संपर्क या व्यवहार,यौन संबंध बनाने का अनुरोध,यौन रंग वाली टिप्पणियां,अश्लील सामग्री दिखाना तथा किसी भी प्रकार का अनचाहा मौखिक,अमौखिक या शारीरिक यौन व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आ सकता है।

आंतरिक शिकायत समिति (ICC)

ऐसे प्रत्येक कार्यस्थल जहां 10 या उससे अधिक महिला और पुरुष कर्मचारी हैं,वहां अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार Internal Complaints Committee (ICC) का गठन किया जाना आवश्यक है। यह समिति कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों को प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच एवं निवारण करती है।

जहां ICC का गठन लागू प्रावधानों के अनुसार नहीं होता अथवा संबंधित संस्थान की प्रकृति के कारण स्थानीय स्तर पर शिकायत की व्यवस्था लागू होती है, वहां Local Committee (LC) के माध्यम से शिकायत के निवारण की व्यवस्था है।

किसी प्रकार के यौन उत्पीड़न को चुपचाप न सहें

महिलाओं से अपील करना, उन्हें जागरूक करना है कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न को चुपचाप सहन न करें। पीड़ित महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और निर्धारित शिकायत तंत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत एवं जांच से संबंधित जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी अधिनियम का महत्वपूर्ण प्रावधान है।

कार्य स्थल को सुरक्षित बनाना अन्य के साथ-साथ नियोक्ता की भी जवाबदेही

कार्यस्थल को सुरक्षित बनाना केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि नियोक्ता,सहकर्मियों और पूरे संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी है। उपस्थित सभी पीएलव्वी को कहा गया कि POSH Act,2013 के विषय वस्तु की कर्मचारियों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीएलवी नागेंद्र कुमार,राम कण्डे मिश्रा, सुनील पांडेय,अरुण रजक,जोभा माझी,गोलोरिया पूर्ति, जयंतो नंदी आदि ने भाग लिए।

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