कानूनी जागरूकता अभियान में डीएलएसए की टीम पहुंची पोटका के जुड़ी ग्राम, पंचायत भवन में आयोजित कानूनी जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: नालसा और झालसा के निर्देशानुसार डालसा जमशेदपुर द्वारा संचालित 90 दिनों के कानूनी जागरूकता अभियान के सिलसिले में डीएलएसए की टीम शुक्रवार को पोटका के सुदूर ग्रामीण इलाके जुड़ी पहुंची। जुड़ी के पंचायत भवन में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण शामिल हुए। डीएलएसए की टीम ने ग्रामीणों को कानूनी रूप से जागरूक करने के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा किए जा रहे हैं कार्यों की जानकारी दी गई । यह बताया गया की किस तरह से जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोगों की कानूनी मदद में अहम भूमिका निभा रहा है।
मुकदमे के पूर्व और बाद सुलह का मार्ग बताया गया

ग्रामीणों को बताया गया कि (DLSA) में बिना किसी शुल्क के प्री-लिटिगेशन और लिटिगेशन के मामलों, जैसे—पारिवारिक विवाद, बिजली विभाग की समस्याएं, बैंक ऋण डिफॉल्ट का निपटारा आपसी समझौते से किया जाता है। महिलाओं को घरेलू हिंसा, प्रताड़ना, बाल विवाह, नशा उन्मूलन जैसे गैर कानूनी कार्यों के प्रति सजग किया गया । उन्हें बताया गया है की जरूरत पड़ने पर वे कानून की मदद ले सकती हैं। डालसा उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ग्रामीणों को कानून की मूलभूत जानकारियां दी गई
ग्रामीणों को बाल श्रम, बाल संरक्षण और शिक्षा के अधिकार की जानकारी दी गई। साथ ही, आधार कार्ड, वोटर कार्ड या जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए पीएलवी की मदद लेने की सलाह दी गई। साथ ही वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, राशन कार्ड, स्पॉन्सरशिप (जिसके तहत एकल और ड्यूल दर्जे के बालकों को सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिमा ₹4000) की जानकारी भी दी गई। यानी अगर किसी बच्चे के माता-पिता में से कोई एक नहीं है अथवा दोनों नहीं है वैसे बच्चों को स्पॉन्सरशिप की राशि मुहैया कराई जाती है।
ग्रामीणों में दिखा भारी उत्साह
एल ए डी सी अधिवक्ता योगिता कुमारी डीएलएसए टीम का प्रतिनिधित्व कर रही थी। इसके अलावा जमशेदपुर से पीएलवी रामकंडेय मिश्रा, पी एल वी चयन कुमार मंडल,डोबो चकिया,छाकु माझी,ललिता पुरान,मीरा मंडल,सबिता सोरेन,बसंती सरदार,राजेश माहली,गौतम सरदार,कुरुमीता मुर्मू द्वारा
डालसा के कार्य व उद्देश्य, नागरिकों के मौलिक अधिकार व कर्तव्य, घरेलू हिंसा, पॉक्सो एक्ट , बाल विवाह, बाल श्रम , चाईल्ड प्रोटेक्शन, गुड टच बैड टच ,चाईल्ड ट्रैफिकिंग, नशा उन्मूलन, सर्प डांस, हाथी हिंसा, प्राकृतिक आपदा, बिजली करंट, वज्रपात, सड़क हादसा जैसी घटनाओं में मृत्यु होने पर सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजा संबंधी जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। ग्रामीणों में उत्साह और कानून के प्रति जागरूकता को देखकर हम यह निश्चित रूप से कह सकते हैं कि नालसा, झालसा और डालसा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित रूप से सुदूर इलाके के ग्रामीणों के बीच मिल का पत्थर साबित हुआ है और यह योजना काफी सफल प्रतीत हैं।
