महिला आरक्षी के शोषण प्रकरण में आरक्षी के भाई ने पोटका विधायक से लगाई इंसाफ की गुहार, विधायक बोले – मामले में मुख्यमंत्री-डीजीपी से मिलेंगे
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: बहरागोड़ा में पदस्थापित महिला आरक्षी के साथ कथित छेड़खानी एवं अनुचित व्यवहार के मामले को लेकर उनके भाई रोहित मसीहा लकड़ा ने पोटका विधायक संजीव सरदार को आवेदन देकर न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में संबंधित पुलिस पदाधिकारी पवन कुमार के खिलाफ पूर्व में हुई विभागीय जांच, जांच के निष्कर्ष और बाद में उनके पुनः थाना प्रभारी के पद पर पदस्थापित किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले को विधायक संजीव सरदार ने गंभीरता से लेते हुए उचित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया है।
पहली जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने का दावा
आवेदन में कहा गया है कि महिला आरक्षी की ओर से पवन कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई थी, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई। शिकायतकर्ता के भाई के अनुसार, उक्त जांच के निष्कर्ष में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सत्य प्रतीत होने की बात दर्ज की गई थी। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान, सीडीआर, टावर लोकेशन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी उल्लेख किए जाने की बात आवेदन में कही गई है।
दूसरी जांच की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
आवेदन में दूसरी जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के भाई का आरोप है कि चार सदस्यीय जांच कमेटी में सभी सदस्यों की सहमति नहीं थी और केवल दो सदस्यों के हस्ताक्षर लिए गए, जबकि अन्य दो सदस्यों की असहमति के बावजूद कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी जांच में आरोपी संबंधित पदाधिकारी को सिर्फ़ इसलिए क्लीन चिट दे दी गई क्योंकि जाँचकर्ता और आरोपी एक ही जाति से एक ही समाज से आते है. जाँच निष्पक्ष नहीं थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महिला आरक्षी द्वारा उपलब्ध कराई गई कुछ सामग्री, जिसमें पेनड्राइव में दी गई रिकॉर्डिंग भी शामिल थी, का जांच रिपोर्ट में उल्लेख नहीं किया गया, उसे गायब ही कर दिया गया रिपोर्ट से।
निष्पक्ष अधिकारी से पुनः जांच की मांग
आवेदन में मांग की गई है कि पूरे मामले की पुनः जांच किसी सक्षम एवं निष्पक्ष पदाधिकारी से कराई जाए। शिकायतकर्ता ने कहा है कि जांच निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से हो तथा महिला आरक्षी द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा जांच की जाए। साथ ही विभागीय कार्रवाई को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की गई है।
जांच पूरी होने तक थाना प्रभारी जैसे पद पर नहीं देने की मांग
महिला आरक्षी के भाई ने आवेदन में यह भी मांग की है कि जब तक मामले की जांच एवं विभागीय कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित पदाधिकारी को ऐसे महत्वपूर्ण पद पर पदस्थापित नहीं किया जाए, जहां शिकायतकर्ता को किसी प्रकार का दबाव या परेशानी महसूस हो। उन्होंने महिला आरक्षी के खिलाफ किसी भी तरह की प्रताड़ना, दबाव अथवा प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होने तथा उन्हें निष्पक्ष वातावरण में अपनी ड्यूटी करने का अवसर देने की मांग की है।
विधायक बोले- मामले को मुख्यमंत्री और डीजीपी के समक्ष रखेंगे
मामले को गंभीरता से लेते हुए पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि महिला आरक्षी की शिकायत और उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की निष्पक्षता के साथ जांच होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, डीजीपी तथा महिला आयोग के समक्ष रखेंगे और मुख्यमंत्री से भी मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए आग्रह करेंगे।
महिला आरक्षी को मिले निष्पक्ष वातावरण – विधायक
विधायक ने कहा कि किसी भी कर्मचारी या महिला पुलिसकर्मी को अपनी शिकायत के कारण परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की वास्तविकता जांच के बाद सामने आनी चाहिए और यदि कोई शिकायत लंबित है तो उसका निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से निपटारा होना चाहिए। उन्होंने महिला आरक्षी को निष्पक्ष वातावरण में अपनी ड्यूटी करने का अवसर सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित स्तर पर बात रखने की बात कही।
एसटी समुदाय से आती हैं महिला आरक्षी
आवेदन में कहा गया है कि महिला आरक्षी आदर्श लकड़ा एसटी समुदाय से आती हैं और अपने विभागीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रही हैं। उनके भाई रोहित मसीहा लकड़ा ने विधायक से आग्रह किया है कि मामले को केवल विभागीय विवाद मानकर समाप्त न किया जाए, बल्कि उपलब्ध जांच प्रतिवेदन और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें न्याय एवं उचित संरक्षण प्रदान किया जाए।
