डीसी कार्यालय पहुंचे पुड़ीहासा के ग्रामीण, अभियंता और संवेदक के लोगो पर पैसे लेकर रास्ता छोड़ने व धमकी देने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
श्री दर्पण न्यूज़, जमशेदपुर: सुंदरनगर स्थित पुड़ीहासा सैनिक कॉलोनी के ग्रामीण मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और स्वर्णरेखा नहर प्रमंडल, चांडिल द्वारा खरकई दायीं मुख्य नहर की यूजीपीएल योजना के तहत किये जा रहे बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर अपनी शिकायत रखी। ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौंपे आवेदन में संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, अभियंताओं और संवेदक के लोगों पर कथित रूप से रास्ता छोड़ने के एवज में पैसे मांगने, धमकी देने तथा उनके अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
पैसे देने वालों को रास्ता मिला, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का रास्ता बंद
ग्रामीणों ने आवेदन में आरोप लगाया कि बाउंड्रीवाल निर्माण के दौरान जब उन्होंने अपने घरों तक आने-जाने के लिए रास्ता छोड़ने का अनुरोध किया तो कथित रूप से पैसे की मांग की गयी। उनका आरोप है कि जिन लोगों ने पैसे दिये, उनके लिए रास्ता छोड़ दिया गया, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के आवागमन का रास्ता नहीं छोड़ा गया। विरोध करने पर विभागीय मामला दर्ज कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से आपात स्थिति में एंबुलेंस और दमकल वाहन के पहुंचने तथा बच्चों के स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती है।
ग्रामसभा और निर्धारित प्रक्रिया पर भी ग्रामीणों ने उठाये सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि उनका क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है। उन्होंने सवाल उठाया कि बाउंड्रीवाल निर्माण शुरू करने से पहले ग्रामसभा में योजना और उससे प्रभावित होने वाले रास्तों पर चर्चा क्यों नहीं की गयी। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि योजना के क्रियान्वयन में लागू नियमों एवं आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन हुआ है या नहीं, इसकी जांच करायी जाए। आवेदन के अनुसार ग्रामीणों ने इससे पहले 1 अक्तूबर 2026 को कार्यपालक अभियंता को लिखित आवेदन देकर रास्ता छोड़ने का अनुरोध किया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विधायक से शिकायत के बाद हुई थी बैठक, अब डीसी से लगायी गुहार
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने 13 अक्तूबर को पोटका विधायक संजीव सरदार को पूरे मामले से अवगत कराया था। इसके बाद विधायक ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों और ग्रामीणों को बुलाकर आमने-सामने बातचीत करायी तथा ग्रामीणों की शिकायतों पर अभियंताओं से जवाब मांगा। ग्रामीणों ने उपायुक्त से आग्रह किया कि कथित अवैध धन मांगने, अलग-अलग स्थानों पर पैसे की वसूली और धमकी देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच करायी जाए। साथ ही बाउंड्रीवाल से प्रभावित परिवारों के लिए आवागमन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और जांच पूरी होने तक ग्रामीणों को किसी प्रकार की अनुचित धमकी, दबाव अथवा प्रताड़ना से सुरक्षा प्रदान की जाए।
